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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   During the three-day holiday, a concrete slab (linter) was being laid atop 25-year-old walls, out of the sight of the municipal corporation.

Delhi NCR News: तीन दिन की छुट्टियों में निगम की नजरों से बचकर 25 साल पुरानी दीवारों पर डाला जा रहा था लेंटर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 26 Oct 2026 09:01 PM IST
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शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने कहा, पुराना मकान लेंटर का वजन नहीं कर पाया सहन और हुआ जमींदोज
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अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। हर्ष विहार के मिलन गार्डन में हुए दो मंजिला इमारत का हादसे के बाद प्रशासनिक क्षेत्र में चल रहे अवैध और बिना अनुमति के निर्माण कार्यों की पोल खोल दी है। सवाल यह है कि महीने के चौथे शनिवार, रविवार और वाल्मीकि जयंती की लगातार तीन दिनों की लंबी छुट्टियों का फायदा उठाकर 25 साल पुराने मकान पर यह जोखिम भरा काम चुपचाप चल रहा था और स्थानीय स्तर पर इसकी भनक तक नहीं लगी। एमसीडी और स्थानीय सूत्रों के अनुसार हादसे का शिकार हुआ मकान करीब 25 साल पुराना था जिसमें भू-तल पर आरसीसी स्लैब और पहली मंजिल पर टी-आयरन व स्टोन स्लैब (गार्टर-पट्टियों) की छत थी। मकान मालिक पुरानी और कमजोर ईंटों की दीवारों पर ही टी-आयरन छत को हटाकर भारी-भरकम आरसीसी लेंटर डलवाने का काम करवा रहा था। इस पूरी गतिविधि के लिए खास तौर पर तीन दिनों की लंबी छुट्टियों के वक्त को चुना गया था ताकि निगम के क्षेत्रीय अमले की नजर इस पर न पड़े और कोई शिकायत दर्ज न हो सके।
दरवाजे बंद और बाहर एक तिनका भी नहीं रखा : अवैध निर्माण को पूरी तरह छिपाने के लिए शातिर तरीके अपनाए गए थे। मकान के पिछले हिस्से में प्रवेश के लिए बने तीनों दरवाजों को अंदर से बंद रखा गया था और मुख्य गेट पर भी ताला लगा रहता था। सड़क या बाहर के हिस्से में बालू, सीमेंट, ईंट जैसी कोई भी भवन निर्माण सामग्री नहीं रखी गई थी ताकि बाहर से आने-जाने वालों को शक न हो। जब रात के वक्त हादसा हुआ तो रेस्क्यू टीमों (एमसीडी, एनडीआरएफ और पुलिस) को अंदर दाखिल होने के लिए मुख्य समेत तीनों गेट तोड़ने पड़े।
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निगम के पास नहीं थी कोई पूर्व सूचना : नगर निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार के बड़े मरम्मत या छत बदलने के कार्य से संबंधित कोई भी पूर्व सूचना, आवेदन या शिकायत पुलिस, नियंत्रण कक्ष या एमसीडी कार्यालय को नहीं दी गई थी। नियमों को ताक पर रखकर और बिना किसी अनुमति के पुरानी जर्जर दीवारों पर आरसीसी का भारी वजन लादना ही इस पूरे हादसे की मुख्य वजह बना।
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