निर्भया केस: तिहाड़ में फांसी की तैयारियां पूरी, कई दिनों से चल रहा डमी ट्रायल भी सफल
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निर्भया के चारों दोषी खुद को बचाने के लिए लगातार अदालत में अपने कानूनी विकल्पों का प्रयोग कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर तिहाड़ जेल प्रशासन एक फरवरी को फांसी की तारीख तय होने की वजह से लगातार फांसी की तैयारी में जुटा हुआ है। सोमवार सुबह एक बार फिर जेल नंबर तीन में स्थित फांसी घर में डमी को फांसी पर लटकाने का अभ्यास किया गया। अधिकारियों का कहना है कि इस अभ्यास के दौरान किसी तरह की कोई समस्या नहीं आयी। 30 जनवरी को जल्लाद पवन भी तिहाड़ जेल पहुंच जाएगा।
सोमवार को फांसी घर में अभ्यास के दौरान ठीक उसी तरह की प्रक्रिया अपनायी गई जैसा फांसी वाले दिन अपनाई जानी है। सोमवार को जेल के कर्मचारी ही जल्लाद की भूमिका में रहे। अभ्यास से पहले रविवार को चारों दोषियों का वजन, लंबाई और गले का नाप लिया गया। उसी वजन के अनुसार चार डमी तैयार की गईं। ईंट को सिर का रूप दिया गया जबकि रेत भरे बोरे को शरीर का हिस्सा बनाया गया। तय समय पर जेल के कर्मचारी और जेल अधीक्षक फांसी घर पहुंचे और फिर डमी पर अभ्यास किया गया। तिहाड़ जेल महानिदेशक संदीप गोयल ने बताया कि जेल में डमी पर फांसी का अभ्यास किया जा रहा है। अब तक जेल प्रशासन की ओर से फांसी के चार अभ्यास किए जा चुके हैं।
काफी प्रतिक्षा के बाद दोषी अक्षय का परिवार वाले मिलने पहुंचे
निर्भया के तीन दोषियों मुकेश, पवन और विनय के परिवार वाले लगातार उनसे मिलने के लिए तिहाड़ जेल आते थे लेकिन काफी इंतजार के बाद दोषी अक्षय के परिवार वाले सोमवार को जेल नंबर तीन पहुंचे। फांसी की तारीख तय होने से पहले ही नवंबर माह में अक्षय की पत्नी उससे मिलने के लिए जेल आई थी। उसके बाद से अक्षय की परिवार वालों से लगातार फोन पर बात हो रही थी।
अक्षय का परिवार बिहार में रहता है। अपनी मां, पत्नी और भतीजे को देखकर अक्षय अपने को रोक नहीं सका और फूट-फूट कर रोने लगा। बेटे के हालत को देखकर मां भी खुद को रोक नहीं सकी। वहीं पत्नी ने रूंधे गले से दोनों को ढांढस बंधाने की कोशिश की। जेल अधीक्षक कार्यालय में चली करीब आधे घंटे की मुलाकात के दौरान पत्नी और मां ने चल रही कानूनी प्रक्रिया के बारे में उससे पूछताछ की।
तीन दोषियों के पास अभी हैं कानूनी विकल्प
निर्भया मामले में चार दोषियों पवन, अक्षय, मुकेश और विनय शर्मा के खिलाफ दूसरी बार डेथ वारंट जारी हो चुका है। इनकी फांसी की तारीख 1 फरवरी तय की गई है लेकिन दोषियों के पास अभी पांच कानूनी विकल्प मौजूद हैं। साथ ही मुकेश ने राष्ट्रपति के द्वारा दया याचिका को खारिज करने के फैसले को भी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। ऐसे में एक फरवरी को भी दोषियों को फांसी पर लटकाना संभव नहीं है।
दोषियों के वकील एपी सिंह ने मुताबिक दोषी पवन और अक्षय के पास अभी सुधारात्मक याचिका और दया याचिका का विकल्प है जबकि विनय के पास दया याचिका का विकल्प बचा है। एपी सिंह का कहना है कि पवन, मुकेश, अक्षय और विनय को लूट के एक मामले में निचली अदालत ने दस साल की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ अपील हाईकोर्ट में लंबित है। जब तक इस पर फैसला नहीं हो जाता, दोषियों को फांसी नहीं दी जा सकती है।