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शिक्षा को धंधा मत बनाइये : केजरीवाल

Mon, 07 Sep 2015 04:19 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 07 Sep 2015 04:19 PM IST
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Don't make education a occupation.

दिल्ली के नामी पब्लिक स्कूल संचालकों के बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि शिक्षा को धंधा मत बनाइये। प्रॉफिट मेकिंग बिजनेस करना है तो कोई और धंधा कर लीजिये।

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मैं ये नहीं कहता कि सब ऐसा कर रहे हैं लेकिन, ऐसी शिकायतें आ रही हैं। एक ही मछली तालाब को गंदा कर देती हैं। फीस अधिक बढ़ाना, डोनेशन लेना और नर्सरी दाखिले में धांधली रोकने पर सुझाव में मुख्यमंत्री ने फैडरेशन के कार्यक्रम मांगे।
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पब्लिक स्कूल फैडरेशन के महासिचव एमएस रावत की तरफ से शिक्षा में सुधार और पाठ्यक्रम बदलने की बात पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी जी के शिक्षा के सिद्धांत को वर्तमान शिक्षा पूरी नहीं कर पा रही है।
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सरकार ने शिक्षा का बजट 25 फीसदी किया

Don't make education a occupation.

आप सभी से अपील है कि पाठ्यक्रम में इसके लिए क्या बदलाव होने चाहिए, ये चर्चा करके सरकार को बताएं। केजरीवाल ने कहा कि पहले कहा जाता था कि बजट में शिक्षा की 6-7 फीसदी भागीदारी हो तो शिक्षा अच्छी हो जाएगी।

हमने 25 फीसदी बजट शिक्षा को दिया है। शिक्षा और स्वास्थ्य दुरुस्त हो जाए तो सब कुछ ठीक हो जाएगा। बेशक सड़कें कम बनें। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी कार्यक्रम में पब्लिक स्कूलों के अधिकार घटाने की आशंका को दरकिनार किया।

उन्होंने कहा कि हम अधिकार कम नहीं करना चाहते लेकिन फीस लेने, शिक्षकों को वेतन देने व दाखिले में पारदर्शिता जरूरी है। शिक्षा कोई व्यवसाय नहीं देश का भविष्य खड़ा करने का काम है।

'अतीत पढ़ाने की बजाय भविष्य की तरफ बढ़ें'

Don't make education a occupation.

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कक्षा की संस्कृति बदलने पर जोर दिया। सिसोदिया ने कहा कि हमें क्लास में अतीत से निकलकर भविष्य की तरफ बढ़ना होगा।

बच्चों को पूछने, अपने क्षेत्र में कुछ करने का समय देना होगा। ऐसा इतिहास रटने से क्या फायदा जो गूगल के जमाने में काम न आए।

पब्लिक स्कूलों से पाठ्यक्रम घटाने की नहीं करेंगे जबरदस्ती-
दिल्ली सरकार बच्चों के कंधे पर बैग हल्का करने और पाठ्यक्रम कम करके बच्चों के रुझान केहिसाब से आगे बढ़ाना चाहती है।

लेकिन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एक सवाल के जवाब में यह भी साफ किया है कि पब्लिक स्कूलों में 25 फीसदी पाठ्यक्रम कम करने की जोर जबरदस्ती नहीं की जाएगी। उन्हें प्रेरित करेंगे।

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