फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   dispute continued in gurgaon college.

आखिर कौन थीं रात के अंधेरे में आईं वो दो महिलाएं?

Thu, 02 Oct 2014 03:14 AM IST
कुमार हरिओम/अमर उजाला, गुड़गांव
कुमार हरिओम/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Thu, 02 Oct 2014 03:14 AM IST
विज्ञापन
dispute continued in gurgaon college.

गुड़गांव के सेक्टर-14 राजकीय महिला महाविद्यालय में छात्रा पिंकी की आत्महत्या के प्रयास के मामले में कॉलेज प्रबंधन की भूमिका पर उठ रहे सवालों के बीच देर रात सफदरजंग अस्पताल में हुए हंगामे ने पुलिस को सकते में डाल दिया है।

विज्ञापन


देर रात दो महिलाओं ने अस्पताल में पिंकी से मिलने के लिए स्टाफ नर्स को रिश्वत देने की पेशकश की। इस पर उनकी पीड़िता के भाई के साथ झड़प भी हो गई थी। उनका कहना है कि इस केस को लेकर पिंकी पर जबरदस्त दबाव बनाया जा रहा है। पुलिस आयुक्त ने मामले की जांच के आदेश दे दिए है। इसमें जल्द ही पीड़िता के मजिस्ट्रेट के सामने दोबारा बयान लिए जाएंगे।
विज्ञापन


पढें: प्रोफेसर ने छात्रा से कहा 'लगा लो आग'
विज्ञापन
विज्ञापन


सोमवार को सेक्टर-14 राजकीय महाविद्यालय में बीएससी सेकेंड ईयर की छात्रा पिंकी चौहान के संदिग्ध हालात में कॉलेज परिसर में खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने के बाद छात्राओं ने जबरदस्त तोड़फोड़ कर दी थी।

इस मामले में पीड़िता के पुलिस को दिए बयान में कॉलेज की महिला स्टाफ पर दबाव बनाकर उसे आत्मदाह के लिए मजबूर करने की बात सामने के आने के बाद कॉलेज प्रबंधन पर लगातार सवालिया निशान लग रहे हैं।

पढ़ें: स्कर्ट पहनने पर की बेइज्जती, 500 रुपए फाइन

पीड़िता के परिजनों ने बताया कि मंगलवार रात को दो महिलाएं अचानक पिंकी से मिलने पहुंची। डॉक्टरों के मना करने पर पहले तो वे चली गईं लेकिन वापस आकर उन्होंने स्टाफ नर्स को रिश्वत देने की कोशिश की।

पीड़िता के भाई ने जब महिलाओं से परिचय पूछा तो कुछ नहीं बताया। उनकी फोटो खींचने की कोशिश करने पर उसका और चाचा का मोबाइल फोन छीन लिया। इस पर अस्पताल में ही दोनों के बीच हंगामा हो गया।

पढ़ें: कॉलेज पार्किंग में छात्रा ने खुद को लगाई आग, बवाल


पुलिस को सूचना देने की बात पर दोनों निकल गईं। उन्होंने पुलिस आयुक्त और सेक्टर-29 थाना प्रभारी को सूचना दी। इस पर बुधवार को इंस्पेक्टर विशाल कुमार खुद अस्पताल पहुंचे। परिजनों के मुताबिक उनकी बेटी पर जबरदस्त दबाव बनाया जा रहा है।

जल्द ही मजिस्ट्रेट के सामने दोबारा पीड़िता का बयान दर्ज कराया जा सकता है। वहीं, अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद कॉलेज प्रबंधन में भी हलचल मच गई है। बुधवार को इस संबंध में प्रिंसिपल ने कॉलेज स्टाफ के साथ मीटिंग कर कई दिशानिर्देश दिए गए।  

पूर्व प्राचार्य के खिलाफ केस की मांग

परिजनों के समर्थन में कासन और आसपास के 15 गांवों के लोग पुलिस आयुक्त से मिले। पीड़िता के पिता बीरपाल सिंह चौहान ने कॉलेज की पूर्व प्राचार्या उषा मलिक पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पूर्व प्राचार्य और कॉलेज स्टाफ के उकसाने पर उनकी बेटी ने आत्मदाह करने का प्रयास किया। परिजनों ने पुलिस कमिश्नर से पूर्व प्राचार्य के खिलाफ मला दर्ज करने की मांग की। पुलिस आयुक्त ने पूरे मामले को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है।

तो क्या वाइस प्रिंसिपल ने किया हंगामा?
कॉलेज प्रिंसिपल ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि नैतिकता के आधार पर उप प्राचार्य चेतना सहरावत को अस्पताल में छात्रा को देखने की जिम्मेदारी लगाई गई है। उन्होंने कबूला कि मंगलवार रात को भी वह गई थी। शायद, साथ में किसी दूसरी महिला प्रोफेसर को ले गई होगी। लेकिन अस्पताल में हंगामे की बात को लेकर उन्होंने जानकारी होने से इनकार कर दिया। ऐसे में परिजनों के आरोपों के आधार पर सवाल उठ रहा है कि कहीं वाइस प्रिंसिपल तो नहीं पहुंची थीं?

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed