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अब मोबाइल और एप से होगा डिजिटल चालान

Wed, 20 Jan 2016 11:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Wed, 20 Jan 2016 11:59 PM IST
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digital invoice by app or mobile phone

नेशनल इंफॉर्मेटिक सेंटर (एनआईसी) ने एक ऐसा एप बनाया है जो पूरे देश भर के ट्रैफिक और परिवहन विभाग के लिए मील का पत्थरसाबित होगा। एंड्रायड फोन में डाले गए ई-चालान नामक एप के माध्यम से नियम तोड़ने वाले वाहनों का चालान कर सरकारी राजस्व में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।

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साथ ही सरकारी कामकाज में भी पारदर्शिता आएगी। फिलहाल एनआईसी की ओर से बनाए गए मूल एप को सभी राज्यों को भेजा जा रहा है। राज्यों से सलाह भी मांगी गई है। मार्च में यह एप पूरे देश में लांच करने की योजना है।
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ई-चालान नामक एप डिजिटल चालान सॉल्यूशन पर आधारित है। इसे मोबाइल और वेब पर एक साथ चलाया जा सकता है। यह मुख्य रूप से परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस के लिए बनाया गया है। इसके माध्यम से चालान करने की उन्नत पद्धति विकसित की गई है।
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परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस के कर्मियों को एक मोबाइल दिया जाएगा। इसमें ई-चालान एप पहले से ही लोड रहेगा। मौके पर नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों को इस मोबाइल में दिए गए फीचर के माध्यम से चालान किया जाएगा। यही नहीं वेब के माध्यम से हर सेकेंड की गई कार्रवाई की जानकारी मुख्यालय को मिलती रहेगी।

परिवहन और ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी इसके माध्यम से अलग-अलग प्वाइंट पर प्रवर्तन दल की ड्यूटी लगा सकते हैं। यही नहीं उक्त प्वाइंट पर कितने चालान कटे। इसकी हर पल की जानकारी अधिकारी को मिलती रहेगी।

मोबाइल में लोड किए गए क्रोम एप की मदद से वेबसाइट खुलने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। इसकी खासियत यह है कि इसका अधिकांश काम बिना इंटरनेट के भी हो सकता है। लिहाजा इंटरनेट न भी हो तो भी चालान कटने और डाटा अपलोड करने का काम नहीं रुकेगा।

इस एप का ऐसा फीचर बनाया जा रहा है जो कि भारत के सभी भाषाओं में हो। इससे किसी भी राज्य में स्थानीय तौर पर लागू करने में दिक्कत नहीं महसूस होगी। एनआईसी की ओर से सभी राज्यों के परिवहन व ट्रैफिक के अधिकारियों से इस संबंध में बातचीत चल रही है।

एप में वाहन का आरसी नंबर डालते ही वाहन मालिक का पूरा प्रोफाइल सामने आ जाएगा। इसमें नाम, पता, जन्मतिथि, वाहन खरीदने की तिथि सहित अन्य ब्यौरा होगा। यही नहीं वाहन का कितनी बार चालान हुआ है। इसका भी पूरा व्यौरा होगा।


एनआईसी की ओर से गुजरात, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और हरियाणा के संबंधित अधिकारियों से इस एप को लागू करने के लिए बातचीत हो चुकी है। इसके अलावा दूसरे अन्य राज्यों से भी इस संबंध में बातचीत चल रही है। जल्द ही इसे पूरे देश में कार्य व्यवहार में लाया जाएगा।

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