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कोरोना की चौथी लहर: कोविड केयर कोच रह सकता है नदारद, बड़ी संख्या में पटरी पर उतरी ट्रेनें
Tue, 13 Apr 2021 04:29 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
नवनीत शरण, नई दिल्ली
नवनीत शरण, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Tue, 13 Apr 2021 04:29 PM IST
सार
- बड़ी संख्या में ट्रेनें पटरी पर उतर जाने की वजह से इंतजाम मुश्किल
- पिछले साल कोविड के दौरान इस्तेमाल नहीं होने की वजह से भी रेलवे की तैयारी नहीं
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कामाख्या रेलवे स्टेशन पर आइसोलेशन कोच
- फोटो : ANI
विस्तार
कोरोना वायरस का संक्रमण एक बार फिर बड़ी तेज से फैल रहा है। दिल्ली के अस्पताल भी फुल होने लगे हैं। यहां तक कि वेंटिलेटर व आईसीयू में भी आने वाले दिनों में टोटा पड़ने वाला है। रेलवे की तरफ से भी आइसोलेशन कोच की व्यवस्था स्टेशनों पर करने की उम्मीद फिलहाल ना के बराबर ही है।
अस्पतालों में बेड भरने की स्थिति में अगर अतिरिक्त आइसोलेशन सेंटर की आवश्यकता पड़ी तो इस साल रेलवे की तरफ से कोविड केयर कोच का इंतजाम अचानक से करना मुश्किल होगा। क्योंकि पिछले साल तो सभी ट्रेनें लॉकडाउन में थम गई थीं, लेकिन इस साल रेलवे ट्रेन का पहिया रोकने के मूड में नहीं दिखाई पड़ रहा। 90 प्रतिशत से अधिक ट्रेन चलने की वजह से पिछले साल तैयार कोविड केयर कोच का इस्तेमाल यात्रियों के लिए किया जा रहा है। रेलवे अगर दोबारा पहल करती है तो ट्रेनों की संख्या कम करनी पड़ेगी।
रेलवे के अधिकारिक सूत्रों के अनुसार फिलहाल कोविड केयर कोच रेलवे स्टेशनों पर लगाने की तैयारी नहीं हो रही है। क्योंकि आठ हजार के करीब तैयार कोविड केयर कोच को सवारी रेलगाड़ी में इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि दिल्ली के शकूरबस्ती शेड में 50 आइसोलेशन कोच का फिलहाल इस्तेमाल नहीं हो रहा है। राज्य सरकार अगर अनुरोध करती है तो फिर इसकी व्यवस्था पर सोचा जा सकता है।
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उल्लेखनीय है कि पिछले साल रेल मंत्रालय की तरफ से तो बड़ी तैयारी संक्रमण के रोकथाम के लिए की गई थी। जिसमें सेनेटाइजर निर्माण, मास्क निर्माण, पीपीई किट का निर्माण के साथ ही कोविड मरीजों के लिए कोविड केयर कोच का निर्माण किया गया था, पूरे देश के स्टेशनों पर लगाया भी गया था, लेकिन इसका इस्तेमाल दिल्ली के शकूरस्बस्ती में छोड़ अन्य स्टेशनों पर ना के बराबर ही हुआ था।
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अस्पतालों में बेड भरने की स्थिति में अगर अतिरिक्त आइसोलेशन सेंटर की आवश्यकता पड़ी तो इस साल रेलवे की तरफ से कोविड केयर कोच का इंतजाम अचानक से करना मुश्किल होगा। क्योंकि पिछले साल तो सभी ट्रेनें लॉकडाउन में थम गई थीं, लेकिन इस साल रेलवे ट्रेन का पहिया रोकने के मूड में नहीं दिखाई पड़ रहा। 90 प्रतिशत से अधिक ट्रेन चलने की वजह से पिछले साल तैयार कोविड केयर कोच का इस्तेमाल यात्रियों के लिए किया जा रहा है। रेलवे अगर दोबारा पहल करती है तो ट्रेनों की संख्या कम करनी पड़ेगी।
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रेलवे के अधिकारिक सूत्रों के अनुसार फिलहाल कोविड केयर कोच रेलवे स्टेशनों पर लगाने की तैयारी नहीं हो रही है। क्योंकि आठ हजार के करीब तैयार कोविड केयर कोच को सवारी रेलगाड़ी में इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि दिल्ली के शकूरबस्ती शेड में 50 आइसोलेशन कोच का फिलहाल इस्तेमाल नहीं हो रहा है। राज्य सरकार अगर अनुरोध करती है तो फिर इसकी व्यवस्था पर सोचा जा सकता है।
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उल्लेखनीय है कि पिछले साल रेल मंत्रालय की तरफ से तो बड़ी तैयारी संक्रमण के रोकथाम के लिए की गई थी। जिसमें सेनेटाइजर निर्माण, मास्क निर्माण, पीपीई किट का निर्माण के साथ ही कोविड मरीजों के लिए कोविड केयर कोच का निर्माण किया गया था, पूरे देश के स्टेशनों पर लगाया भी गया था, लेकिन इसका इस्तेमाल दिल्ली के शकूरस्बस्ती में छोड़ अन्य स्टेशनों पर ना के बराबर ही हुआ था।