डिप्टी कमिश्नर ने दिखाया 'रूतबे का नजराना'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुतबा दिखाने के लिए राजस्व विभाग के आलाधिकारी (जिला उपायुक्त) अपने काफिले में इमरजेंसी व्हीकल का इस्तेमाल कर रहे हैं। वह सामान्य दौरे या इंस्पेक्शन के दौरान भी पायलट के तौर पर उन गाड़ियों को अपने साथ लेकर क्षेत्रों में जाते हैं।
जबकि कायदे से उन वाहनों का प्रयोग सिर्फ आपदा की स्थिति में किया जा सकता है। यह मामला जब मुख्य सचिव तक पहुंचा तो प्रशासन ने हरकत में आकर अधिकारियों को फटकार लगाई है।
दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग ने बीते सोमवार को इस संबंध में फटकार लगाते हुए एक सर्कुलर जारी किया है। इसमें साफ-साफ कहा गया है कि कुछ अधिकारी जिसमें जिला उपायुक्त भी शामिल हैं, वह क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) व्हीकल और अन्य वाहनों को अपने काफिले में पायलट के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। वह इसका इस्तेमाल क्षेत्र में निरीक्षण और सामान्य दौरे के दौरान भी कर रहे हैं।
भविष्य ऐसा नहीं करने का सख्त निर्देश
एसडीएम मुख्यालय चार एके शर्मा की ओर से जारी इस सर्कुलर में उन अधिकारियों को फटकार लगाई गई है। साथ ही यह सख्त हिदायत दी है कि वह ऐसा करना बंद करें। भविष्य में दोबारा ऐसा नहीं होना चाहिए।
इसकी जानकारी दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव को भी दे दी गई है। यह कदम तब उठाया गया है जब बीते दिनों लगातार इस संबंध में दिल्ली सरकार को शिकायतें मिल रही थीं।
मिल रही थी शिकायतें
राजस्व विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक दिल्ली में राजस्व विभाग के 11 जिले हैं। सभी जिले में एक क्विक रिस्पॉन्स टीम बनाई गई है। इसको विशेष तौर राहत बचाव में प्रयोग होने वाले आधुनिक उपकरणों से लैस एक वाहन दिया गया है।
यह वाहन दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की ओर से उपलब्ध कराया गया है। इसका प्रयोग आपदा के दौरान किया जाता है। जिले में इसकी तैनाती जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण करता है। जिसकी निगरानी जिला उपायुक्त करते हैं। मगर शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ जिला उपायुक्त इन वाहनों का इस्तेमाल अपने काफिले में कर रहे हैं।