उप मुख्यमंत्री सिसोदिया ने दिया अपना व्हाट्सऐप नंबर, बोले-कोई अफसर रिश्वत ले तो भेजें उनकी फोटो
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया शुक्रवार को व्यापारियों को संबोधित करते हुए गरम तेवर में नजर आए। उन्होंने कहा कि किसी व्यापारी से कोई भी अधिकारी रिश्वत लेता है तो उसकी तस्वीर खींचकर उन्हें व्हाट्सऐप पर भेजी जाए।
उन्होंने मंच से अपना फोन नंबर व्यापारियों से साझा करते हुए कहा कि दिवाली तक किसी भी व्यापारी की दुकान पर सर्वे नहीं होगा। इस बारे में उन्होंने विभागीय अधिकारियों को लिखित आदेश जारी कर दिए हैं।
उन्होंने कहा कि मुझे पता चला है कि कुछ अधिकारी व्यापारियों के यहां जाकर रेड करते हैं और त्योहार के नाम पर पैसे मांगते हैं। छापेमारी के नाम पर व्यापारियों का शोषण नहीं होने दिया जाएगा। कोई अधिकारी किसी दुकान पर छापेमारी करता है और पैसे मांगता है तो उसका फोटो लेकर उन्हें व्हाट्सऐप कर दें।
ऐसे किसी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि दिवाली तक छूट देने का मतलब यह नहीं है कि कोई टैक्स चोरी करेगा तो उसे छोड़ दिया जाएगा। टैक्स की चोरी करने वालों पर कार्रवाई होगी, लेकिन सर्वे करने के नाम पर व्यापारियों का शोषण नहीं होने देंगे। अब सब कुछ ऑनलाइन है।
कारोबारी जरूरी सूचनाएं ऑनलाइन भरें। ईमानदारी से टैक्स चुकाएं, कोई आपको परेशान नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि अप्रैल से लेकर अब तक 110 सर्वे किए गए। इनमें केवल एक व्यापारी के यहां 72 लाख रुपये के टैक्स का मामला पाया गया। बाकी में बहुत छोटी-छोटी रकम के मामले मिले। इसे देखते हुए ही विभाग को त्योहारों के मौसम में सर्वे की टीम नहीं भेजने के लिए कहा गया है।
छापे मारने वाली पूरी टीम को हटाया
अलग-अलग दुकानों पर छापेमारी के दौरान रिश्वत लेने की शिकायतों पर दिल्ली सरकार के व्यापार और कर विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। सूत्रों के मुताबिक, विभाग ने पूरी प्रवर्तन टीम को बदल डाला है। तीन दिन पहले उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने विभाग को सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए थे।
दरअसल, करीब आठ माह से दिल्ली में अलग-अलग दुकानों पर कर चोरी के मामले में छापेमारी चल रही थी। कई दुकानदारों ने मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री को शिकायत कर अधिकारियों पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाए थे।
इसके बाद उप मुख्यमंत्री ने 22 अक्तूबर को सर्विस रिकॉर्ड कमजोर रखने वाले अधिकारियों को तत्काल हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद विभाग ने सहायक आयुक्त सहित दो दर्जन अधिकारियों को हटा दिया है। इस कार्रवाई की सूचना शुक्रवार शाम पूरे विभाग में फैल गई।
बताया जा रहा है कि फिलहाल विभाग ने सभी अधिकारियों को कैडर में वापस जाने के निर्देश दिए हैं, लेकिन जल्द ही इनके खिलाफ और भी कदम उठाए जा सकते हैं। हालांकि विभाग ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पहचान छिपाने की शर्त पर बताया कि जल्द ही प्रवर्तन टीम नियुक्त होगी। नई टीम बनने के बाद प्रधान सचिव को जानकारी दी जाएगी। इसके बाद ही टीम छापामार कार्रवाई के लिए जाएगी। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने साथ ही हर छापामार कार्रवाई की रिपोर्ट अपने कार्यालय में भेजने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने बताया कि अगले सप्ताह नई टीम और उसकी कमान संभालने वालों की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी।