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नोटबंदी के साथ बदला मार्केट ट्रेंड: ATM, पेटीएम और क्रेडिट कार्ड के भरोसे बाजार
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Sun, 13 Nov 2016 05:36 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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जब से 500 व 1000 रुपये के नोट पर चोट हुई है तब से परंपरागत मार्केट का ट्रेंड बदलने लगा है। कैश के स्थान पर यहां एटीएम, पेटीएम और क्रेडिट कार्ड के माध्यम से पेमेंट लिया जा रहा है। जिन दुकानदारों के पास ऐसी व्यवस्था नहीं थी वह तेजी से ऐसा कर रहे हैं।
प्लास्टिक मनी से खरीददारी करने वालों को ही वरीयता दी जा रही है। मॉल्स, सदर बाजार और सेक्टरों की मार्केट के दुकानदारों ने पांच सौ व एक हजार रुपये के नोट को लेना पूरी तरह से बंद कर दिया है। ग्राहक के दुकान में कदम रखते ही उससे पूछा जा रहा है कि वह पेमेंट कैसे करेंगे।
साइबर सिटी का सबसे पुराना और पारंपरिक मार्केट सदर बाजार है। यहां पर हर वर्ग का ग्राहक खरीददारी करने आता है। मगर बड़ी नोट पर पाबंदी के बाद से यहां ग्राहकों के आने का सिलसिला काफी कमजोर पड़ गया है। कारोबार में 70 फीसदी तक की गिरावट आ गई है।
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ऐसा माहौल लंबा नहीं चले इसके लिए यहां के दुकानदार अपने सेल ट्रेंड में बदलाव किया है और कर रहे हैं। वह प्लास्टिक मनी से पेमेंट ले रहे हैं। वह अपने यहां पेटीएम से भी पेमेंट ले रहे हैं।
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प्लास्टिक मनी से खरीददारी करने वालों को ही वरीयता दी जा रही है। मॉल्स, सदर बाजार और सेक्टरों की मार्केट के दुकानदारों ने पांच सौ व एक हजार रुपये के नोट को लेना पूरी तरह से बंद कर दिया है। ग्राहक के दुकान में कदम रखते ही उससे पूछा जा रहा है कि वह पेमेंट कैसे करेंगे।
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साइबर सिटी का सबसे पुराना और पारंपरिक मार्केट सदर बाजार है। यहां पर हर वर्ग का ग्राहक खरीददारी करने आता है। मगर बड़ी नोट पर पाबंदी के बाद से यहां ग्राहकों के आने का सिलसिला काफी कमजोर पड़ गया है। कारोबार में 70 फीसदी तक की गिरावट आ गई है।
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ऐसा माहौल लंबा नहीं चले इसके लिए यहां के दुकानदार अपने सेल ट्रेंड में बदलाव किया है और कर रहे हैं। वह प्लास्टिक मनी से पेमेंट ले रहे हैं। वह अपने यहां पेटीएम से भी पेमेंट ले रहे हैं।
छोटे दुकानदार और ग्राहक परेशान...
इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकानों पर पेटीएम से पेमेंट स्वीकार किया जा रहा है। वहीं गारमेंट, क्रॉकरी, किचन वेयर, इलेक्ट्रिक, फोटो स्टूडियो, राशन की दुकानों व जनरल स्टोर पर एटीएम कार्ड व क्रेडिट कार्ड के माध्यम से पेमेंट ली जा रही है।
सेक्टर-14 मार्केट स्थित गारमेंट शोरूम के सतीश कुमार का कहना है कि लोगों के पास 100-100 के नोट नहीं है। पुराने नोट लेना अब संभव नहीं है। बाकी बचे पैसे को उन्हें कैसे लौटाया जाए यह समस्या आ रही है। इसके कारण ही एटीएम, पेटीएम और क्रेेडिट कार्ड को वरीयता दी जा रही है।
सदर बाजार के गारमेंट शोरूम संचालक मंजीत सिंह बताते हैं कि 1000 व 500 की नोट नहीं लिया जा रहा है। ऐसे में उन्हीं ग्राहकों के साथ कारोबार हो रहा जो कार्ड से पेमेंट कर रहे हैं। जिन दुकानदारों के पास इस प्रकार के पेमेंट लेने की व्यवस्था नहीं है वह अपने पड़ोसी दुकान वालों से तालमेल कर ऐसा कर रहे हैं।
छोटे दुकानदार और ग्राहक इस समय काफी परेशान हैं। रेहड़ी-पटरी वाले दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हुआ है। उनका कहना है कि जब से नोटबंदी हुई है तब से ग्राहकों की संख्या घट गई है। क्योंकि लोगों के पास खुल्ले पैसे नहीं है। विंटर सीजन के परिधानों के कारोबारी काफी परेशान हैं। गुरुग्राम गांव में किराए पर रहने वाले सुमेर का कहना है कि वह सिक्योरिटी गार्ड है बच्चों के लिए स्वेटर लेना है मगर जेब में सौ रुपये का नोट नहीं है। आखिर खरीदें कैसे। गुरुग्राम के बाजारों में नौ नवंबर से अब तक करीब 900 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है।
सेक्टर-14 मार्केट स्थित गारमेंट शोरूम के सतीश कुमार का कहना है कि लोगों के पास 100-100 के नोट नहीं है। पुराने नोट लेना अब संभव नहीं है। बाकी बचे पैसे को उन्हें कैसे लौटाया जाए यह समस्या आ रही है। इसके कारण ही एटीएम, पेटीएम और क्रेेडिट कार्ड को वरीयता दी जा रही है।
सदर बाजार के गारमेंट शोरूम संचालक मंजीत सिंह बताते हैं कि 1000 व 500 की नोट नहीं लिया जा रहा है। ऐसे में उन्हीं ग्राहकों के साथ कारोबार हो रहा जो कार्ड से पेमेंट कर रहे हैं। जिन दुकानदारों के पास इस प्रकार के पेमेंट लेने की व्यवस्था नहीं है वह अपने पड़ोसी दुकान वालों से तालमेल कर ऐसा कर रहे हैं।
छोटे दुकानदार और ग्राहक इस समय काफी परेशान हैं। रेहड़ी-पटरी वाले दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हुआ है। उनका कहना है कि जब से नोटबंदी हुई है तब से ग्राहकों की संख्या घट गई है। क्योंकि लोगों के पास खुल्ले पैसे नहीं है। विंटर सीजन के परिधानों के कारोबारी काफी परेशान हैं। गुरुग्राम गांव में किराए पर रहने वाले सुमेर का कहना है कि वह सिक्योरिटी गार्ड है बच्चों के लिए स्वेटर लेना है मगर जेब में सौ रुपये का नोट नहीं है। आखिर खरीदें कैसे। गुरुग्राम के बाजारों में नौ नवंबर से अब तक करीब 900 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है।