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नोटबंदी से दिनों दिन बढ़ती जा रही है छोटे उद्योगों की परेशानी
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
Updated Sun, 27 Nov 2016 09:29 AM IST
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नोटबंदी
- फोटो : self
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नोटबंदी के बाद से ही छोटे उद्योगों की परेशानी बढ़ने लगी है। कई सूक्ष्म और छोटे उद्योगों ने अपने यहां काम करने वाले काफी कर्मचारियों को छुट्टी दे दी है। मगर जो हैं उन्हें आने वाले कुछ ही दिनों में वेतन देने का समय नजदीक आ रहा है। ऐसे में परेशानी बढ़ गई है।
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उनका कहना है कि आने वाली सात व आठ दिसंबर को वेतन दिया जाता है। समझ में नहीं आ रहा है कि यह कैसे दिया जाएगा। हालांकि बड़े और मध्यम उद्योगों के समक्ष इससे कोई दिक्कत नहीं है।
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गुरुग्राम में सूक्ष्म उद्योगों की संख्या सैकड़ों में है। नोटबंदी के बाद से इनका कामकाज 50 फीसदी तक घट गया है। ऐसे में इन्हें अपने यहां काम करने वाले कर्मचारियों को छुट्टी देनी पड़ गई है। जैसे-जैसे वेतन देने का समय नजदीक आ रहा है उनकी धड़कने भी तेज हो रही हैं।
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रबड़ प्रोडक्ट बनाने वाले दिलीप का कहना है कि यहां रोजाना भुगतान किया जाता है। मगर कैश हैं नहीं कैसे पैसा दिया जाए। कर्मचारियों से कहा गया कि माह भर बाद उन्हें वेतन दिया जाएगा। मगर अभी स्थिति नहीं सुधरने से आने वाले सात दिसंबर से दिक्कत बढ़ सकती है।
गुरुग्राम चैबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के महासचिव एसके आहूजा का कहना है कि नोटबंदी से थोड़ी बहुत परेशानी सभी को आ रही है। मगर बड़े और मध्यम उद्योगों पर इसका अधिक असर नहीं पड़ा है। जहां तक इस दौर में कर्मचारियों को वेतन देने की बात है इसमें कहीं-कहीं दिक्कत है।
खासकर सूक्ष्म उद्योगों में। हालांकि अधिकतर कर्मचारियों का बैंक अकाउंट कंपनी द्वारा खुलवाया गया है। वहीं कुछ के पास अपने अकाउंट हैं। इसी में उनका वेतन डाल दिया जाता है। हरियाणा इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के चेयरमैन किशन कपूर का कहना है कि सूक्ष्म उद्योगों को अधिक दिक्कत हो रही है।