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Delhi NCR News: हिंदू कॉलेज चेयरमैन और प्रिंसिपल को हटाने की मांग
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स्टाफ एसोसिएशन ने निजीकरण और वित्तीय अनियमितताओं पर उठाए सवाल, डीयू कुलपति को सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज में प्रशासनिक व्यवस्था, निजीकरण और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर विवाद गहरा गया है। हिंदू कॉलेज स्टाफ एसोसिएशन ने डीयू कुलपति को ज्ञापन सौंपा है। इसमें गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन टीसी रंगाचारी और प्रिंसिपल अंजू श्रीवास्तव को हटाने की मांग की है।
कॉलेज प्रशासन के खिलाफ एसोसिएशन का धरना बीते 23 दिन से जारी है। इस धरने को अन्य शिक्षक संगठनों का भी समर्थन मिला है। एसोसिएशन ने बुधवार को एक प्रेस वार्ता आयोजित की। इसमें आरोप लगाया गया कि कॉलेज में दाखिले, नियुक्तियों और वित्तीय प्रबंधन में नियमों का पालन नहीं हो रहा है। सुपरन्यूमरेरी सीटों पर दाखिले में अनियमितताओं का आरोप भी है। डीयू के निर्धारित नियमों का उल्लंघन किया गया है। एसोसिएशन अध्यक्ष प्रो रत्न लाल ने कहा कि संबंधित शिक्षकों की आपत्तियों के बावजूद कुछ फैसले लिए गए। उन्होंने वाइस प्रिंसिपल की नियुक्ति और प्रशासनिक पदों को विज्ञापित न करने पर भी सवाल उठाए।
स्टाफ काउंसिल सचिव प्रो चंद्रचूड़ सिंह ने स्टाफ काउंसिल की अनदेखी का मुद्दा उठाया। एसोसिएशन ने अपने अध्यक्ष, सचिव और एक वरिष्ठ शिक्षक को जारी कारण बताओ नोटिस तत्काल वापस लेने की मांग की है। उनका आरोप है कि ये नोटिस प्रिंसिपल के कथित गलत कामों के खिलाफ आवाज उठाने के कारण दिए गए।
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कॉलेज के अस्थायी नियंत्रण की अपील
एसोसिएशन ने डीयू से हिंदू कॉलेज का अस्थायी नियंत्रण लेने की अपील की है। उन्होंने एक विस्तारित गवर्निंग बॉडी गठित करने, नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की टिप्पणियों को लागू करने और स्टाफ काउंसिल के वैधानिक अधिकार बहाल करने की भी मांग है। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि कॉलेज की कुछ इमारतों पर कॉरपोरेट दानदाताओं के नाम लगाए जा रहे हैं, जो विश्वविद्यालय के नियमों का उल्लंघन है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज में प्रशासनिक व्यवस्था, निजीकरण और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर विवाद गहरा गया है। हिंदू कॉलेज स्टाफ एसोसिएशन ने डीयू कुलपति को ज्ञापन सौंपा है। इसमें गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन टीसी रंगाचारी और प्रिंसिपल अंजू श्रीवास्तव को हटाने की मांग की है।
कॉलेज प्रशासन के खिलाफ एसोसिएशन का धरना बीते 23 दिन से जारी है। इस धरने को अन्य शिक्षक संगठनों का भी समर्थन मिला है। एसोसिएशन ने बुधवार को एक प्रेस वार्ता आयोजित की। इसमें आरोप लगाया गया कि कॉलेज में दाखिले, नियुक्तियों और वित्तीय प्रबंधन में नियमों का पालन नहीं हो रहा है। सुपरन्यूमरेरी सीटों पर दाखिले में अनियमितताओं का आरोप भी है। डीयू के निर्धारित नियमों का उल्लंघन किया गया है। एसोसिएशन अध्यक्ष प्रो रत्न लाल ने कहा कि संबंधित शिक्षकों की आपत्तियों के बावजूद कुछ फैसले लिए गए। उन्होंने वाइस प्रिंसिपल की नियुक्ति और प्रशासनिक पदों को विज्ञापित न करने पर भी सवाल उठाए।
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स्टाफ काउंसिल सचिव प्रो चंद्रचूड़ सिंह ने स्टाफ काउंसिल की अनदेखी का मुद्दा उठाया। एसोसिएशन ने अपने अध्यक्ष, सचिव और एक वरिष्ठ शिक्षक को जारी कारण बताओ नोटिस तत्काल वापस लेने की मांग की है। उनका आरोप है कि ये नोटिस प्रिंसिपल के कथित गलत कामों के खिलाफ आवाज उठाने के कारण दिए गए।
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कॉलेज के अस्थायी नियंत्रण की अपील
एसोसिएशन ने डीयू से हिंदू कॉलेज का अस्थायी नियंत्रण लेने की अपील की है। उन्होंने एक विस्तारित गवर्निंग बॉडी गठित करने, नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की टिप्पणियों को लागू करने और स्टाफ काउंसिल के वैधानिक अधिकार बहाल करने की भी मांग है। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि कॉलेज की कुछ इमारतों पर कॉरपोरेट दानदाताओं के नाम लगाए जा रहे हैं, जो विश्वविद्यालय के नियमों का उल्लंघन है।