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दिल्ली महिला आयोग ने 12 नेपाली लड़कियों को छुड़ाया, दुबई में नौकरी दिलाने का झांसा देकर फांसा

Mon, 01 Apr 2019 06:38 PM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली Published by: राजेश सैनी Updated Mon, 01 Apr 2019 06:38 PM IST
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Delhi Women Commission redeemed twelve Nepalese girls
स्वाति मालीवाल : फाइल फोटो

दिल्ली महिला आयोग ने शनिवार देर रात 12 नेपाली लड़कियों को मुक्त करवाया है। इन लड़कियों को उदय नाम का एजेंट दुबई व खाड़ी देशों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर नेपाल से दिल्ली लाया था। लड़कियों ने नौकरी दिलाने के लिए एजेंट को 50 हजार रुपए व दो लड़कियों ने 2.2 लाख रुपए दिए थे। मामले की सूचना मिलने पर भारत-नेपाल बॉर्डर पर मानव तस्करी रोकने वाली संस्था ने आयोग से संपर्क किया था। 

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अब लड़कियों को छुड़वाने के बाद शेल्टर होम भेज दिया गया है। वहीं पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। दिल्ली महिला आयोग की सदस्या किरण नेगी को इस मामले की सूचना आनंदी (बदला हुआ नाम) ने दी थी। उसने बताया कि दो अलग-अलग जगहों पर नेपाली लड़कियां कैद में हैं। आयोग ने दो टीम बनाकर उन्हें नजफगढ़ भेजा। जहां से 12 लड़कियों को छुड़वाया गया। जिस जगह पर लड़कियों को रखा गया था वहां उदय(एजेंट) नहीं मिला। 
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लड़कियों ने इस बात की जानकारी दी कि कुछ दिन पहले वह उनके साथ ही था। एजेंट ने लड़कियों से वादा किया था कि उन्हें दुबई, इराक व कुवैत में नौकरी के लिए भेजा जाएगा। जहां उन्हें अच्छी तनख्वाह दी जाएगी। लड़कियों ने टीम को बताया कि उनके पासपोर्ट पहले ही रख लिए गए थे। लड़कियों को इस बात की धमकी दी गई थी कि यदि उन्होंने कमरा छोड़ा तो वह गिरफ्तार हो जाएंगी। लड़कियां दो महीने से कैद में थी। लड़कियों ने बताया कि एजेंट शराब पीकर कभी-कभी मिलने के लिए आता था। उन्हें कब बाहर भेजा जाएगा इस विषय में नहीं बताया जाता था।

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आनंदी ने पहले झेली यातनाएं, फिर लड़कियों को बचाने में मदद की

इन लड़कियों की सूचना देने वाली आनंदी ने आयोग को बताया कि वह अपनी बहन के माध्यम से एजेंट के संपर्क में आई थी। आनंदी को भी नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया था। आनंदी के अनुसार बाद में उन्हें इराक में एक आदमी को बेच दिया गया। इराक में उसने काफी यातनाएं झेली। इराक जाने से पहले उसके साथ दुष्कर्म भी किया गया। इराक से वह किसी तरह से भागने में सफल हुई।

भारत पहुंचने पर आनंदी ने एजेंट से संपर्क किया। यहां आकर उसे पता चला कि नेपाल से कुछ लड़कियों को लाकर कैद में रखा गया है। भारत-नेपाल बॉर्डर पर मानव तस्करी रोकने के लिए काम करने वाली संस्था को आनंदी ने इस मामले की सूचना दी। आयोग दुष्कर्म मामले में एफआईआर दर्ज करवाने के लिए आनंदी की मदद भी कर रहा है। 

दिल्ली महिला आयोग अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि मुक्त कराने के बाद लड़कियों को छावला थाने ले जाया गया। बाद में उन्हें शेल्टर होम भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि बड़े स्तर पर मानव तस्करी की जा रही है। भारत केरास्ते नेपाली महिलाओं व लड़कियों को खाड़ी देशों में भेजा जा रहा है। इस तस्करी को रोकने के लिए भारत व नेपाल को साथ मिलकर इन अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करों को पकडने केलिए कदम उठाने चाहिए। 

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