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19 साल की लड़की को कोरोना के शक में चलती बस से फेंका! हुई मौत, दिल्ली महिला आयोग ने भेजा नोटिस
Wed, 08 Jul 2020 07:35 PM IST
Harendra Chaudhary
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Wed, 08 Jul 2020 07:35 PM IST
सार
- दिल्ली महिला आयोग ने मथुरा पुलिस को ‘एफआईआर और एक्शन टेकन रिपोर्ट’ सौंपने को कहा
- पथरी की बीमारी से जूझ रही थी लड़की और इलाज के चलते कमजोर होने की वजह से ड्राइवर और कंडक्टर को हुआ कोरोना पीड़ित होने का शक
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स्वाति मालीवाल
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
कोरोना मरीज होने के शक में दिल्ली के मंडावली इलाके की एक 19 वर्षीय लड़की को मथुरा में एक चलती हुई बस से बाहर फेंक दिया गया, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। सोमवार को घटी इस घटना के दौरान उसके परिजन भी बस में सवार थे।
इस घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए दिल्ली महिला आयोग ने मथुरा एसएसपी को नोटिस जारी किया है। आयोग ने घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और अपराधियों पर की गई कार्रवाई की जानकारी देने को कहा है।
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने मथुरा पुलिस को नोटिस जारी करते हुए कहा है कि यह बेहद अमानवीय घटना है। इस घटना से जुड़े सभी अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
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कथित तौर पर इस घटना में पीड़ित लड़की पथरी की बीमारी से जूझ रही थी और उसका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान उसका कोरोना टेस्ट भी हुआ था, लेकिन उसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई थी।
लेकिन बीमारी के कारण वह काफी कमजोर हो गई थी और इस कारण वह सामान्य तरीके से चल नहीं पा रही थी। कमजोरी के कारण बस के ड्राइवर और कंडक्टर को उसके कोरोना पीड़ित होने की आशंका हो गई थी।
हालांकि, इसके प्रति आशंका जाहिर किए जाने के बाद लड़की के साथ यात्रा कर रहे उसके परिजनों ने बस चालक और कंडक्टर को बताया था कि लड़की कोरोना पीड़ित नहीं है, बल्कि बीमार है।
लेकिन इसके बाद भी बस कंडक्टर ने उसे चलती बस से फेंक दिया। लड़की की मां ने उसे बचाने की भी कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो पाई।
इस मामले में पुलिस ने लड़की को बस से फेंकने की बात से इंकार किया है। पुलिस ने बताया है कि उसे एक सामान्य यात्री की तरह बस से उतार दिया गया था। घटना की असलियत जांच के बाद ही सामने आएगी।
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इस घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए दिल्ली महिला आयोग ने मथुरा एसएसपी को नोटिस जारी किया है। आयोग ने घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और अपराधियों पर की गई कार्रवाई की जानकारी देने को कहा है।
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दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने मथुरा पुलिस को नोटिस जारी करते हुए कहा है कि यह बेहद अमानवीय घटना है। इस घटना से जुड़े सभी अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
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कथित तौर पर इस घटना में पीड़ित लड़की पथरी की बीमारी से जूझ रही थी और उसका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान उसका कोरोना टेस्ट भी हुआ था, लेकिन उसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई थी।
लेकिन बीमारी के कारण वह काफी कमजोर हो गई थी और इस कारण वह सामान्य तरीके से चल नहीं पा रही थी। कमजोरी के कारण बस के ड्राइवर और कंडक्टर को उसके कोरोना पीड़ित होने की आशंका हो गई थी।
हालांकि, इसके प्रति आशंका जाहिर किए जाने के बाद लड़की के साथ यात्रा कर रहे उसके परिजनों ने बस चालक और कंडक्टर को बताया था कि लड़की कोरोना पीड़ित नहीं है, बल्कि बीमार है।
लेकिन इसके बाद भी बस कंडक्टर ने उसे चलती बस से फेंक दिया। लड़की की मां ने उसे बचाने की भी कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो पाई।
इस मामले में पुलिस ने लड़की को बस से फेंकने की बात से इंकार किया है। पुलिस ने बताया है कि उसे एक सामान्य यात्री की तरह बस से उतार दिया गया था। घटना की असलियत जांच के बाद ही सामने आएगी।