वक्त पर भी पहुंचती है पुलिस... फंदे पर लटक चुकी महिला की जिंदगी ग्रिल काटकर बचाई
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अक्सर देखा जाता है कि पुलिस घटना से पहले तो क्या, बाद में भी काफी देरी से पहुंचती है। इसको लेकर पुलिस की कार्यशैली और कर्तव्यनिष्ठा पर भी सवाल उठते रहते हैं, लेकिन इस बार पुलिस घटना से पहले पहुंच गई। मौत के मुहाने तक जा पहुंची महिला की तीन पुलिस वालों ने जान बचाई। उन्होंने एंबुलेंस का इंतजार किया ना लोगों का। खुद अपनी पीसीआर में महिला को एम्स ट्रॉमा सेंटर ले गए, जहां महिला का उपचार चल रहा है।
मामला दक्षिण दिल्ली के तिगड़ी इलाके का है। पुलिस के मुताबिक, शालू (38) (परिवर्तित नाम) परिवार के साथ बी-ब्लॉक संगम विहार में रहती है। उसका पति गुरुग्राम में नौकरी करता है। बुधवार सुबह दंपति में किसी बात पर झगड़ा हो गया। इसके बाद पति दफ्तर चला गया और एक बच्चा स्कूल। घर में शालू अपनी 16 वर्षीय बेटी और 8 साल के बेटे के साथ थी। इस दौरान उसने दोनों बच्चों को एक कमरे में बंद कर दिया और दूसरे कमरे में जाकर फांसी लगाने लगी। बच्चों ने शोर मचाया तो पड़ोसियों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। एएसआई सुंदरलाल, हवलदार हरीश व बीट ऑफिसर हवलदार संदीप मौके पर पहुंचे तो महिला फंदा लगा रही थी।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए गली से एक वेल्डर को बुलाया और ग्रिल कटवाकर दरवाजा खोला, लेकिन तब महिला फांसी लगा चुकी थी। पुलिस ने उसे फंदे से उतारकर पीसीआर से अस्पताल ले गई, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस उसके पति से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। महिला की जान बचाने के लिए जिला पुलिस उपायुक्त विजय कुमार ने पुलिसकर्मियों की प्रशंसा की है।
मॉडल टाउन थाना प्रभारी समेत आठ पुलिसकर्मी नपे
राजधानी में ताबड़तोड़ हो रही वारदात के बीच पुलिस अधिकारियों ने सख्त रुख अपना लिया है। इलाके में गैर कानूनी कामों पर रोक नहीं लगाने के आरोप में अफसरों ने मातहतों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। इसकी एक बानगी है, मॉडल टाउन थाना। अपराधियों पर अंकुश नहीं लगाने पर थाना प्रभारी समेत आठ पुलिसकर्मियों को सजा के तौर पर फर्स्ट बटालियन भेज दिया है। पुलिस मुख्यालय से इनके खिलाफ विभाग विभागीय जांच के भी आदेश दिए हैं।
पुलिस के अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पुलिस मुख्यालय में उच्चाधिकारियों को लगातार शिकायत मिल रही थी कि मॉडल टाउन में गैर कानूनी काम धड़ल्ले से हो रहे हैं। इसमें अवैध निर्माण सहित अन्य काम शामिल हैं। पुलिस इन पर अंकुश नहीं लगा पा रही है। इसके बाद पुलिस मुख्यालय स्तर पर इनकी जांच कराई गई, जो सही पाई गई।
इसके बाद पुलिस आयुक्त के निर्देश पर एक आदेश जारी किया गया, जिसके तहत मॉडल टाउन के थाना प्रभारी कन्हैया प्रसाद, उप निरीक्षक तेज सिंह, सहायक उप निरीक्षक अश्वनी, हवलदार हरमेश, नरेंद्र और सिपाही नीटू कुमार, मनिंदर और पृथ्वी को तत्काल फर्स्ट बटालियन में भेज दिया गया। इन लोगों पर विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राजधानी में कानून व्यवस्था को कारगर बनाने के लिए यह कार्रवाई की गई है और अन्य थाना इलाके में भी इस तरह की कार्रवाई हो सकती है।