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दिल्ली हिंसा: कोर्ट ने जामिया के छात्र आसिफ इकबाल तन्हा की जमानत याचिका खारिज की
Thu, 03 Sep 2020 04:01 PM IST
Mohit Mudgal
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Thu, 03 Sep 2020 04:01 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : फाइल फोटो
उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फरवरी में हुई सांप्रदायिक हिंसा से जुड़े एक मामले में गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत गिरफ्तार जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्र आसिफ इकबाल तन्हा की जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी है।
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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने कहा कि मामले में प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों से प्रदर्शन स्थलों पर तन्हा समेत कई आरोपियों की भूमिका का पता चला है। साथ ही, यह भी पता चला है कि किस तरह से हर चीज की साजिश रची गई थी।
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कोर्ट ने दो सितंबर को जारी किए गए अपने आदेश में कहा कि बयानों से साफ पता चलता है कि आरोपी आसिफ तन्हा और अन्य सह आरोपियों ने साजिश के मुताबिक विभिन्न गतिविधियां की। कोर्ट ने कहा कि वह चक्का जाम किए जाने की साजिश का हिस्सा था, जो दंगों का कारण बना। प्रत्यक्षदर्शियों ने अपने बयानों में उसका नाम मुख्य षड्यंत्रकारियों में से एक के तौर पर लिया है
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तन्हा को 19 मई को गिरफ्तार किया गया था और वह 27 मई से न्यायिक हिरासत में है। अदालत ने कहा कि मामले की जांच चल रही है, इसलिए गवाहों के बयानों के विवरण नहीं दिए जा सकते।
न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा कि आसिफ इकबाल तन्हा और अन्य आरोपियों की भूमिका के बारे में गवाहों के बयानों को संज्ञान में लेते हुए मुझे यह मानने में कोई हिचक नहीं है कि आरोपियों के विरुद्ध लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही हैं।