DTU के अध्ययन में सामने आई बड़ी बात- राजधानी के प्रदूषण को रोकने में ऑड-ईवन है बेहद कारगर
दिल्ली के प्रदूषण को रोकने में ऑड-ईवन बेहद कारगर है। ऑड-ईवन के चलते सड़क किनारे के प्रदूषण में 25 से 30 फीसदी तक गिरावट आयी थी। यह खुलासा दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय(डीटीयू) की दो स्टडी रिपोर्ट में हुआ है। विश्वविद्यालय के पर्यावरण विशेषज्ञों की टीम ने सरकार से ऑड-ईवन को लगाने का सुझाव भी दिया है।
डीटीयू के कुलपति प्रो. योगेश सिंह के मुताबिक, सर्दियों की आहट के साथ ही दिल्ली-एनसीआर फिर से प्रदूषण की मार झेलने लगा है। पिछले कुछ दिनों में प्रदूषण में काफी वृद्धि देखी जा रही है।
विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों की टीम ने दूसरी स्टडी रिपोर्ट में भी ऑड-ईवन फार्मूले को सही बताया है। टीम ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि जनवरी 2016 की तरह नवंबर 2019 में भी दिल्ली सरकार द्वारा लागू की गई ऑड-ईवन योजना से वायु प्रदूषक में काफी कमी दर्ज की गई थी।
चार अलग-अलग स्थानों पर किया शोध:
विश्वविद्यालय के पर्यावरण इंजीनियरिंग विभाग के सहायक प्रोफेसर, डॉ. राजीव कुमार मिश्रा और उनकी शोध टीम ने चार अलग-अलग स्थानों पर शोध किया है। दिल्ली में परिवहन के साधनों से होने वाले वायु प्रदूषण को कम करने के प्रयास में 01 से 9 नवंबर व 13 से 15 नवंबर, 2019 के दौरान दिल्ली सरकार द्वारा दोबारा ऑड-ईवन चलाया गया।
टीम ने चार अलग-अलग स्थानों पंचकुईयां मार्ग, पीतमपुरा रोड, नजफगढ़ रोड व डीटीयू (बवाना रोड) में डेटा विश्लेषण किया। ऑड-ईवन के दौरान सड़क के किनारे पार्टिकुलेट मैटर यानी पीएम (पीएम 10, पीएम 2.5, पीएम 1) में औसतन 25 से 30 फीसदी तक की कमी आई। इससे पहले एक्यूआई बहुत अधिक था और दृश्यता भी काफी कम थी। लेकिन, मौसम और योजना के चलते एक्यूआई निचले स्तर पर आ गया।
वहीं, सड़क यातायात प्रवाह विश्लेषण से निष्कर्ष निकला कि ट्रैफिक भी 40 से 50 फीसदी कम हुआ। करीब 90 फीसदी लोगों ने नियमों का पालन किया।