दिल्ली के तीनों नगर निगमों के गठन का नोटिफिकेशन जारी, ये है पूरा शेड्यूल
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दिल्ली राज्य चुनाव आयोग ने तीनों नगर निगम के चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके गठन की अधिसूचना जारी कर दी है। तीनों नगर निगम ने नवनिर्वाचित पार्षदों को शपथ दिलाने और महापौर एवं अन्य पदों का चुनाव कराने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। इस संबंध में उन्होंने कार्यक्रम तैयार करके स्वीकृति के लिए उपराज्यपाल के पास भेज दिया है।
उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने नए सदन की पहली बैठक 18 मई को बुलाने का निर्णय किया है, जबकि दक्षिण दिल्ली नगर निगम के नए सदन की पहली बैठक 19 मई को होगी और पूर्वी दिल्ली नगर निगम ने नए सदन की पहली बैठक 22 मई को करने का निर्णय लिया है।
तीनों नगर निगम के सदन की पहली बैठक में नवनिर्वाचित पार्षदों को शपथ दिलाई जाएगी। इसके अलावा महापौर, उपमहापौर एवं स्थायी समिति के सदस्यों का चुनाव होगा। इसके अलावा उनकी पहली बैठक में शिक्षा समिति के सदस्यों का भी चुनाव होने की संभावना है।
उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद शुरू होगी प्रक्रिया
उपराज्यपाल से स्वीकृति मिलने के बाद तीनों नगर निगम चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करने के साथ-साथ चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू करेगी। तीनों नगर निगम के अनुसार उनके सदन से स्थायी समिति के छह-छह सदस्य चुने जाएंगे। जबकि शिक्षा समिति के सदस्यों की संख्या सत्ताधारी दल तय करेगा। आम तौर पर शिक्षा समिति के तीन से चार सदस्य चुने जाते है।
तीनों नगर निगम में दलीय स्थिति के अनुसार उनमें महापौर और उपमहापौर पद पर भाजपा पार्षदों की जीत सुनिश्चित है। इसके अलावा सदन से स्थाई समिति के चार-चार सदस्य भाजपा पार्षद आसानी से बन सकेंगे। आम आदमी पार्टी को एक-एक पार्षद ही स्थायी समिति का सदस्य बन सकेगा, उत्तरी और दक्षिण दिल्ली नगर निगम में कांग्रेस का एक-एक पार्षद स्थायी समिति में पहुंच सकता है। पूर्वी दिल्ली नगर निगम में केवल तीन पार्षद होने के चलते कांग्रेस को हर मामले में खाली हाथ रहेगा होगा।
तीनों नगर निगम की शिक्षा समिति में सदस्यता हासिल करने में आम आदमी पार्टी को थोड़ी सी मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि इस समिति में एक सदस्य के लायक भी उसके पार्षदों की संख्या नहीं है। इस मामले में उसे अन्य दलों के रूख पर निर्भर रहना होगा।