शरजील इमाम को कोर्ट ने 12 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेजा
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जेएनयू छात्र और देशद्रोह का आरोप झेल रहे शरजील इमाम को कोर्ट ने 12 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इससे पहले तीन फरवरी को शरजील की तीन दिन की पुलिस हिरासत बढ़ाई गई थी।
Delhi: Sharjeel Imam has been sent to judicial custody till 12th February.
— ANI (@ANI) February 6, 2020
बता दें कि पहली बार शरजील इमाम को पुलिस ने 29 जनवरी को पांच दिन की रिमांड पर लिया था। तब पटियाला हाउस कोर्ट में वकीलों ने शरजील को गद्दार बताते हुए नारे लगाए थे। पोस्टर लगाकर उसे सख्त सजा देने की मांग की गई थी। भारी विरोध और तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए भारी पुलिस बल और सीआरपीएफ की तैनाती की गई थी।
गौतलब है कि शरजील के खिलाफ उत्तर प्रदेश, दिल्ली असम और अन्य राज्यों में भी देशद्रोह सहित संगीन धाराओं में मामले दर्ज हैं। बिहार के जहानाबाद से गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे पटना से दिल्ली लाई है।
शरजील की गिरफ्तारी पर कन्हैया ने क्या कहा था?
देश के कई हिस्सों में भड़काऊ भाषण देने के आरोपी शरजील इमाम की गिरफ्तारी पर कन्हैया कुमार ने केंद्र सरकार को निशाने पर लिया था। कन्हैया कुमार ने केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के विवादित भाषण का जिक्र करते हुए कहा था कि अगर शरजील पर मुकदमा तो अनुराग ठाकुर पर ऐसा बयान देने के लिए देशद्रोह का मुकदमा क्यों नहीं दर्ज हुआ।
साथ ही कन्हैया ने तब कहा था कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) आग में तेल डालने का काम कर रहा है। महाराष्ट्र के परभणी के पाथरी में सीएए और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ रैली को संबोधित करने के दौरान कन्हैया ने आरोप लगाया था कि मोदी और शाह ने गुजरात चुनावों के दौरान हिंदू और मुस्लिमों के बीच टकराव पैदा करने की कोशिश की थी। अब वही हथकंडा वे देश में आजमा रहे हैं।