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Air Pollution : दिल्ली की हवा कुछ सुधरी... पर अब भी खराब श्रेणी में, अधिक रही PM10 और O3 की मात्रा

Sun, 27 Oct 2024 03:27 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 27 Oct 2024 03:27 AM IST
सार

वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) अब खराब श्रेणी में आ गया है, जो दो-तीन दिन पहले तक बहुत खराब श्रेणी में था। अगले कुछ दिनों तक हवा के अनुकूल बने रहने का अनुमान है, जिससे प्रदूषण बढ़ने की संभावना कम ही है। 

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Delhi's air has improved a bit... but is still in bad category
वायु प्रदूषण - फोटो : एएनआई

विस्तार

हवा के रुख में बदलाव और तेजी के कारण पिछले दो दिनों में राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता में थोड़ा सुधार आया है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) अब खराब श्रेणी में आ गया है, जो दो-तीन दिन पहले तक बहुत खराब श्रेणी में था। अगले कुछ दिनों तक हवा के अनुकूल बने रहने का अनुमान है, जिससे प्रदूषण बढ़ने की संभावना कम ही है। 

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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार शाम चार बजे दिल्ली में एक्यूआई 255 दर्ज किया गया, एक दिन पहले यह 270 था। हालांकि आनंद विहार, जहांगीरपुरी, मुंडका, वजीरपुर, विवेक विहार और सोनिया विहार में वायु की गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में थी, जबकि अन्य क्षेत्रों में खराब श्रेणी में दर्ज की गई। नोएडा और गाजियाबाद की हवा खराब श्रेणी में दर्ज की गई। हालांकि ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम व फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता खराब से बेहतर स्थिति में रही। 
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वाहनों से सर्वाधिक प्रदूषण  
दिल्ली की हवा में प्रदूषणकारी कणों के लिए वाहनों का धुआं सबसे अधिक जिम्मेदार रहा। वायु प्रदूषण में वाहनों से उत्सर्जन का हिस्सा 14.8 प्रतिशत था। 

हवा में पीएम 10, ओ3 की मात्रा अधिक रही
सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को दिल्ली में प्रमुख प्रदूषक पीएम10 और ओ3 थे। पीएम 10 एक कण है जिसका व्यास 10 माइक्रोमीटर या उससे कम होता है। यह ठोस या तरल रूप में होता है और हवा में मिले होने के कारण सांस के साथ फेफड़े तक पहुंच जाता है। 
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फेफड़े में पहुंचने के बाद यह श्वसन संबंधी विभिन्न बीमारियों का कारण बन सकता है। लंबे समय तक इसके प्रभाव में रहने पर फेफड़े के साथ दिल की बीमारी भी हो सकती है। ओ3 यानी ओजोन में तीन तरह की गैस होती है जो सेहत के लिए हानिकारक होती हैं।

परिवहन क्षेत्र प्रदूषण का प्रमुख कारक : दिल्ली की हवा में प्रदूषणकारी कणों के लिए परिवहन क्षेत्र सबसे अधिक जिम्मेदार रहा। केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, शनिवार को शहर के वायु प्रदूषण में परिवहन से उत्सर्जन का हिस्सा 14.8 प्रतिशत था। अगले दो दिनों तक वायु प्रदूषण में गाड़ियों के उत्सर्जन का हिस्सा सबसे अधिक रहने का अनुमान है। 

सीपीसीबी के अनुसार, शाम पांच बजे पीएम2.5 का स्तर 110.6 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया। यह अतिसूक्ष्म कण सांस के साथ फेफड़े में पहुंचता है और स्वास्थ के लिए बहुत खतरनाक माना जाता है। 


सुबह व शाम गुलाबी ठंड का होने लगा अहसास
दिल्ली में दिन के समय लोगों काे गर्मी परेशान कर रही है। वहीं, सुबह व शाम गुलाबी ठंड का अहसास होने लगा है। शनिवार को अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक के साथ 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक के साथ 18.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
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