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Delhi : दिल्ली पुलिस को बदलने होंगे अपने सभी स्टैंडिंग ऑर्डर, इसलिए करनी पड़ेगी यह कवायद

Wed, 26 Jun 2024 03:31 AM IST
दुष्यंत शर्मा पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 26 Jun 2024 03:31 AM IST
सार

नए कानूनों को लागू करने के लिए दिल्ली पुलिस खुद को तैयार कर रही है। नए कानून लागू होने के बाद दिल्ली पुलिस को अपने सभी स्टैंडिंग  ऑर्डर बदलने होंगे।

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Delhi Police will have to change all its standing orders
Delhi police - फोटो : X: @DelhiPolice

विस्तार

दिल्ली समेत अन्य केंद्र शासित प्रदेशों में एक जुलाई से नए कानून लागू हो रहे हैं। नए कानूनों को लागू करने के लिए दिल्ली पुलिस खुद को तैयार कर रही है। नए कानून लागू होने के बाद दिल्ली पुलिस को अपने सभी स्टैंडिंग ऑर्डर बदलने होंगे। दिल्ली पुलिस के स्टैंडिंग ऑर्डर पहले आईपीसी व सीआरपीसी के तहत बने हुए थे। मगर अब इन्हें भारतीय आचार संहिता के हिसाब से फिर से बनाना होगा। इसके अलावा सात वर्ष या उससे अधिक सजा वाले मामलों में पुलिस को घटनास्थल पर फोरेंसिक एक्सपर्ट को बुलाना अनिवार्य होगा।
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दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने अपने अस्तित्व में आने के बाद अब तक करीब 500 से ज्यादा स्टैंडिंग ऑर्डर निकाले हैं। जैसे ही दिल्ली सरकार नए कानूनों को लागू करने के लिए नोटिफिकेशन जारी करेंगे, वैसे ही पुलिस को अपने सभी स्टैंडिंग ऑर्डर अनिवार्य रूप से बदलने होंगे। इसमें पुलिस को काफी मशक्कत व समय देना होगा। पुलिस अधिकारी ने बताया कि नए कानून लागू करने के लिए परिवर्तन की जरूरत है। नए कानूनों में वीडियोग्राफी व फोटाग्राफी करना अनिवार्य होगा।
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इस अधिकारी ने बताया कि जिस अपराध में सात वर्ष या उससे अधिक की सजा का प्रावधान है उससे संबंधित घटनास्थल पर पुलिस को फोरेंसिक एक्सपर्ट को बुलाना अनिवार्य होगा। हालांकि सात वर्ष या उससे कम की सजा वाल मामले में पुलिस के ऊपर निर्भर करेगा कि वह मौके पर फोरेंसिक एक्सपर्ट को मौके पर बुलाए या नहीं। इसके अलावा नए कानूनों को ठीक से लागू करने के लिए पुलिस, कोर्ट व सरकारी वकील की एक साथ बैठक व कोआर्डिनेशन होना जरूरी है। अगर सात वर्ष से अधिक सजा वाला क्राइम ऑफ सीन है तो सीजर की वीडियोग्राफी करना अनिवार्य होगा।
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क्या होते हैं स्टैंडिंग ऑर्डर
दिल्ली पुलिस को प्रशासन को चलाने के लिए अपने नियम कायदे बनाती है। इसे स्टैंडिंग ऑर्डर कहते हैं। नए कानूनों मेंं पुलिस, सरकारी वकील व कोर्ट सभी के लिए समय सीमा तय कर दी है। पुलिस को कितने दिन में चार्जशीट करनी है। कोर्ट में बदमाश की कितनी पेशी होनी है और अदालत को कितनी पेशी के बाद फैसला सुनाना है।


लोगों को जागरूक करना शुरू किया
दिल्ली पुलिस ने एक कानूनों को लकर लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया है। सभी थानों के बीट स्टाफ को कहा गया है कि वह ऐसी जगह कार्यक्रम आयोजित करें, जहां ज्यादा से ज्यादा लोग आ सके। इस कार्यक्रम में सरकारी वकील आकर नए कानूनों के बारे में लोगों को बताएंगे। इसके अलावा पुलिस आरडबल्यए, मार्केट एसोसिएशन, स्कूल व अन्य जगहों पर जाकर लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया है। पंफ्लेट भी छपवा रही है।
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