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थानों में नहीं दर्ज होगी वाहन चोरी की FIR

Sun, 12 Oct 2014 09:17 AM IST
पुरुषोत्तम वर्मा/अमर उजाला, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 12 Oct 2014 09:17 AM IST
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Delhi Police Stations will not file FIR of stolen vehicle.

दिल्ली के पुलिस थानों में अब वाहन चोरी की एफआईआर दर्ज नहीं होगी। जल्द ही लागू होने वाले ऑनलाइन सिस्टम के तहत इसकी रिपोर्ट दर्ज होगी। यही नहीं एफआईआर अलग-अलग थानों के क्रम की जगह अब एक ही क्रम में कोड शब्द के साथ दर्ज होगी। खास बात यह है कि रिपोर्ट दर्ज होने के 31 दिनों तक वाहन न मिलने की सूरत में अनट्रेस रिपोर्ट अपने आप पीड़ित के ई-मेल पर पहुंच जाएगी।

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जिसकी सहायता से वह इंश्योरेंस क्लेम कर सकेगा। हालांकि पूरी प्रक्रिया को शुरू करने के लिए दिल्ली पुलिस हाईकोर्ट की अनुमति का इंतजार कर रही है। इस बाबत विशेष पुलिस आयुक्त स्तर के एक अधिकारी के मुताबिक हाईकोर्ट से ऑनलाइन एफआईआर के लिए अनुमति मिल जाने की संभावना है। अहम है कि दिल्ली में अभी तक वाहन चोरी की एफआईआर थानों में दर्ज होती है और थाने से ही एफआईआर नंबर मिलता है।
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अब वाहन चोरी के लिए ऑन लाइन सिस्टम जल्द ही शुरू होने जा रहा है। इसके तहत ई-मेल भेजकर वाहन चोरी की शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी। जल्द ही लागू होने जा रहे ऑनलाइन सिस्टम के तहत पूरी दिल्ली में वाहन चोरी का एफआईआर नंबर एक ही क्रम में कोड वर्ड के साथ होगा।
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मसलन अगर पहाड़गंज से कोई वाहन चोरी हो गया तो एफआईआर नंबर एक, थाने का नाम (कोर्ड वर्ड में) और वर्ष दर्ज होगा। दूसरा वाहन मयूर विहार से चोरी हुआ है तो एफआईआर नंबर दो, थाने का नाम और वर्ष होगा। कोई वाहन आरके पुरम से चोरी हुआ है तो एफआईआर नंबर, थाने का नाम और वर्ष होगा।

चोरी हुए वाहन केन मिलने पर 31 दिन में अनट्रेस रिपोर्ट पीड़ित के मेल पर पहुंच जाएगी। अभी तक लोग अनट्रेस रिपोर्ट के लिए थाने व जांच अधिकारी के पीछे घूमते रहते थे। कई मामलों में उन्हें रिश्वत भी देनी पड़ती थी। अभी तक अनट्रेस रिपोर्ट दो से तीन महीने में मिलती थी। अनट्रेस रिपोर्ट मिलने के बाद ही पीड़ित वाहन मालिक को इंश्योरेंस आदि मिलता है।

विशेष पुलिस आयुक्त स्तर के अधिकारी ने बताया कि ऑनलाइन दर्ज होने वाली एफआईआर क्या हाईकोर्ट स्वीकार करेगा, इसके लिए कोर्ट से अनुमति मांगी गई है। इस अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में अक्तूबर महीने के आखिर में वाहन चोरी की एफआईआर ऑनलाइन दर्ज होना शुरू हो जाएगा।

कैसे काम करेगा सिस्टम
वाहन चोरी की ई-मेल से शिकायत होने के बाद सेंट्रल सर्वर (ई-पुलिस थाना) एक एफआईआर नंबर जेनरेट करेगा। सिस्टम में लगा सॉफ्टवेयर इस एफआईआर को इलाके के हिसाब से संबंधित थाने में भेज देगा। थाने का ड्यूटी अफसर संबंधित एफआईआर को जांच अधिकारी को देगा।


जांच अधिकारी वाहन चोरी के मौके पर जाएगा और 24 घंटे में जांच अधिकारी पूरी जानकारी ऑन लाइन एफआईआर में जोड़ेगा। वाहन मिल जाएगा तो जांच अधिकारी कोर्ट में जाएगा। अन्यथा सॉफ्टवेयर 31 दिन में अनट्रेस रिपोर्ट पीड़ित वाहन मालिक के पास अपने आप भेज देगा।

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