Delhi: डर के आगे जीत है, डटकर करें सामना... छात्राओं ने सीखे आत्मरक्षा के गुर, दिल्ली पुलिस ने दी ट्रेनिंग
अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम के तहत दिल्ली विश्वविद्यालय के शहीद राजगुरु कॉलेज ऑफ एप्लॉयड साइंसेज फॉर वुमेन में आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। बृहस्पतिवार को आयोजित कार्यक्रम में कॉलेज की काफी छात्राओं ने हिस्सा लिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
डर के आगे जीत है, अप्रिय स्थिति में कभी भी घबराएं नहीं, डटकर करें सामना। यदि कभी किसी अप्रिय स्थिति में फंस जाएं तो सामने वाले के कमजोर हिस्से पर वार करें। इससे खुद को हमलावर से बचाया जा सकता है। सोशल मीडिया पर कम से कम समय बिताएं। अपनी निजी जानकारियां व फोटो को सोशल मीडिया पर शेयर न करें। बढ़ते साइबर अपराध के कारण कोई आपके फोटो का गलत उपयोग कर सकता है। आत्मरक्षा के यह टिप्स दिल्ली पुलिस (पूर्वी जिला) की आत्मरक्षा टीम ने छात्राओं को दिए।
अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम के तहत दिल्ली विश्वविद्यालय के शहीद राजगुरु कॉलेज ऑफ एप्लॉयड साइंसेज फॉर वुमेन में आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। बृहस्पतिवार को आयोजित कार्यक्रम में कॉलेज की काफी छात्राओं ने हिस्सा लिया। दिल्ली पुलिस (पूर्वी जिला) की आत्मरक्षा टीम की प्रशिक्षक संध्या ने छात्राओं को बताया कि असामाजिक तत्वों के कमजोर अंगों पर वार करके अपनी रक्षा की जा सकती है। इस दौरान किसी भी लड़की या महिला को डरना नहीं चाहिए। यदि कभी किसी ऐसी स्थिति में फंस भी जाएं आत्मविश्वास बनाए रखें।
कभी भी अकेले पुरुषों के समूह के साथ कहीं न जाएं। ध्यान रखें कि उस समूह में लड़कियां भी होनी चाहिए। यदि लगे कि कोई घटना घट सकती है या कुछ गलत आपके साथ हो सकता है, तो तत्काल वहां से निकलने का प्रयास करें। प्रशिक्षक पूजा ने बताया कि सोशल मीडिया पर अक्सर लड़कियां अपने फोटो व निजी जानकारियां साझा कर लेती हैं। जिस तरह से साइबर अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं, उससे बचने के लिए जरूरी है कि इस तरह की जानकारियों को किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा ना करें।
फिंगर टिप्स अटैक और शॉर्ट पंच की सिखाईं बारीकियां
प्रशिक्षक संध्या ने बताया कि छात्राओं को पंच में अपर, मिडल और लोअर, टैम्पल अटैक, पामथस, टैम्पल, शॉर्ट पंच, फिंगर टिप्स अटैक व कमजोर अंगों पर वार करने वाली बेसिक तकनीक सिखाई गईं। उन्होंने कहा कि छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाना बेहद जरूरी है।
छात्राओं की राय
स्मृति सैनी: कराटे में ग्रीन बेल्ट हूं। यह सेल्फ डिफेंस कार्यक्रम मेरे लिए आगे भी काफी सहायता करेगा। जिस तरह से लड़कियों के साथ अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं, उसे देखते हुए आत्मरक्षा के गुर सीखना बेहद जरूरी है।
बबली: आत्मरक्षा प्रशिक्षण सीखने का मेरा यह पहला अवसर है। इस सत्र से मुझे सीखने को मिला कि अप्रिय स्थिति में पहुंचने पर कैसे अपने को बचाया जा सकता है। मेरे लिए यह सत्र काफी यादगार और जीवन में सीख देने वाला रहेगा।
आकांक्षा: अमर उजाला की ओर से चलाया गया आत्मरक्षा प्रशिक्षण सत्र मेरे लिए काफी उपयोगी है। कभी-कभी देर शाम भी घर से या कॉलेज से बाहर जाना होता है। इस सत्र में अब मुझे यह पता है कि कैसे अपनी रक्षा कर सकती हूं।
सुनीता: मैंने आत्मरक्षा के गुर सीखें हैं, उससे मुझे लगा कि मेरे परिवार में भी अन्य महिलाओं को यह सब सीखना चाहिए।