सावधान: आपके पास भी तो कहीं केबीसी से लॉटरी लगाने का नहीं आया ऑडियो मैसेज, हो जाएं सतर्क, कट सकती है जेब
दिल्ली पुलिस ने कौन बनेगा करोड़पति में लाखों की लॉटरी का झांसा देकर ठगी करने वाले बिहार व झारखंड के रहने वाले दो ठग गिरफ्तार किए हैं। आरोपी नौ महीने में सौ से अधिक लोगों से ठगी कर चुके है। तकनीकी जांच के बाद साइबर सेल पुलिस ने वजीराबाद आरोपियों को पकड़ा है।
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दिल्ली की उत्तर पश्चिम साइबर सेल पुलिस ने कौन बनेगा करोड़पति में लॉटरी लगने का झांसा देकर ठगी करने वाले दो जालसाजों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 5 मोबाइल फोन, 33 सिमकार्ड, 11 डेबिट कार्ड, 5 बैंक पासबुक, 3 फर्जी आधार कार्ड, 4 फर्जी पहचान पत्र और 4 फर्जी पैन कार्ड बरामद किया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने नौ महीने में सौ से अधिक लोगों से लाखों की ठगी कर चुके हैं। आरोपियों पर जींद हरियाणा में भी फर्जीवाड़ा का एक मामला दर्ज है।
जिला पुलिस उपायुक्त उषा रंगनानी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भोजपुर, बिहार निवासी प्रणव कुमार मिश्रा और गिरिडीह झारखंड निवासी गौतम प्रसाद यादव के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गृहमंत्रालय के साइबर पोर्टल के जरिए साइबर सेल थाने को एक शिकायत मिली। जिसमें शिकायतकर्ता वजीरपुर निवासी भानु कामती ने बताया कि उसकी पत्नी सरस्वती देवी के मोबाइल पर ऑडियो रिकॉर्डिंग मैसेज आया। जिसमें कहा गया था कि वह कौन बनेगा करोड़पति में 25 लाख रुपये की लॉटरी जीत चुकी है।
ठग व्हाट्सएप पर मांग लेते थे बैंक खाता व आधार नंबर
आरोपी ने उनसे व्हाट्सएप पर बैंक खाता नंबर, आधार नंबर और एक पासपोर्ट साइज फोटो भेजने के लिए कहा। अगले दिन आरोपियों ने शिकायतकर्ता को फोन कर टैक्स के तौर पर 10 हजार और 2 हजार रुपये जमा करने के लिए कहा। शिकायतकर्ता ने पैसा जमा कर दिया। उसके बाद फिर फोन कर उन्हें 25 हजार रुपये जमा करने के लिए कहा गया। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने शिकायत की। जांच के दौरान पुलिस आरोपियों के बैंक खाते की जांच की और मोबाइल नंबरों की तकनीकी निगरानी की।
आरोपी बार-बार अपना बदल देते थे ठिकाना
जांच में पुलिस ने पाया कि आरोपी दिल्ली में बार-बार अपना ठिकाना बदल रहे हैं। पुलिस इनपर निगरानी रखकर उन्हें वजीराबाद से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि आरोपी नौ माह पहले दिल्ली के कोटला मुबारकपुर में रहकर ठगी करते थे। सदर जींद हरियाणा में उनके खिलाफ एक मामला दर्ज कर लिया गया। दोनों आरोपी जनवरी 2022 में फरार हो गए। हरियाणा पुलिस ने इस मामले में प्रणव के छोटे भाई प्रचेता मिश्रा को पकड़ लिया। दोनों आरोपी अपने गांव भाग गए।
एक महीने पहले दोनों फिर से दिल्ली आए और वजीराबाद से रहकर ठगी शुरू कर दी। पिछले 9 महीनों में सौ से अधिक लोगों से ठगी की। पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों आरोपी 12वीं पास हैं। आरोपी प्रणव पहले मुंबई के एक मोबाइल की दुकान में काम करता था और 2018 में दिल्ली आ गया था। वह कनॉट प्लेस में एक सुरक्षा फर्म में काम किया। जहां उसकी मुलाकात आरोपी गौतम से हुई और दोनों दोस्त बन गए।