दिल्ली: केंद्र ने हाईकोर्ट से कहा- फील्ड अस्पताल बनाने का फैसला नहीं, सशस्त्र बलों पर पहले से ज्यादा दबाव
दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस विपिन सांघी और रेखा पल्ली ने राजधानी में ऑक्सीजन की किल्लत को लेकर दायर याचिका की सुनवाई को आज दोपहर तक के लिए टाल दिया। यह फैसला तब लिया गया जब अदालत को सूचित किया गया कि केंद्र सरकार ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अपील की है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में ऑक्सीजन की किल्लत के मामले पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। यहां सेना की तैनाती के सवाल पर केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि सशस्त्र बलों पर पहले से ज्यादा दबाव है। केंद्र ने बताया कि फील्ड अस्पताल बनाने का फैसला अभी नहीं लिया गया है।
इससे पहले हाईकोर्ट के जस्टिस विपिन सांघी और रेखा पल्ली ने राजधानी में ऑक्सीजन की किल्लत को लेकर दायर याचिका की सुनवाई को आज दोपहर तक के लिए टाल दिया था। यह फैसला तब लिया गया जब अदालत को बताया गया कि केंद्र सरकार ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अपील की है।
बता दें कि बीते दिन ही हाईकोर्ट ने इस संबंध में केंद्र सरकार को एक नोटिस दिया था। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा था कि दिल्ली को ऑक्सीजन आपूर्ति के संबंध में पारित आदेशों की अनुपालन न किए जाने पर अधिकारियों के खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए।
वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अधिकारियों को जेल भेजने और अवमानना की कार्यवाही से ऑक्सीजन नहीं मिलेगा, इसके लिए केंद्र और दिल्ली को मिलकर काम करना होगा, आखिर लोगों की जान खतरे में है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र के खिलाफ जारी अवमानना नोटिस पर रोक लगा दी।
स्वयं जांच किट आयात करने के लिए दायर याचिका पर मांगा जवाब
दिल्ली उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी में नमूनों को जांचने की क्षमता बढ़ाने, स्वयं जांच किट आयात करने और नकली और खराब एन95 मास्क की बिक्री पर रोक लगाने के लिए दायर जनहित याचिका पर बुधवार को केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किए। मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने गृह और स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ-साथ दिल्ली सरकार को भी नोटिस जारी किए और उन्हें इस पर जवाब देने का निर्देश दिया। बता दें कि इस याचिका में उन लोगों को कोरोना के खिलाफ टीका लगाने में प्राथमिकता देने की गुजारिश की गई है जो पिछले चार महीने में कोविड-19 से संक्रमित नहीं हुए हैं।
वकील श्वेत सिंह की ओर से दायर याचिका में अधिकारियों को तत्काल एक ‘वेबपेज’ बनाने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है जिसके जरिए दिल्ली के लोगों को कोविड संबंधित जरूरी दवाइयों, ऑक्सीजन आपूर्ति और अन्य जानकारी आसानी से मिल सके। सिंह ने कहा कि ब्रिटेन, अमेरिका और कनाडा जैसे कई देशों नें घर पर ही खुद जांच करने का तंत्र विकसित किया है और यहां भी लागू होना चाहिए। याचिका में यह भी कहा कि गया है कि सरकार के निर्देशों के अभाव में नकली एन95 मास्क बाजार और ऑनलाइन बिक रहे हैं तथा बड़ी संख्या में लोग इन्हें यह समझ कर खरीद रहे हैं कि इससे वायरस के खिलाफ उन्हें सुरक्षा मिलेगी।