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किसानों के समर्थन में बॉर्डर पहुंचा हजारों लोगों का कारवां, हरियाणा और पंजाब से आए जत्थे

Mon, 11 Jan 2021 05:19 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 11 Jan 2021 05:19 AM IST
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Delhi news: Thousands of people reached the border in support of farmers
दिल्ली बॉर्डर पर किसान... - फोटो : amar ujala

किसान 26 जनवरी को ट्रैक्टर मार्च निकालने की तैयारी करने में जोर शोर से जुटे हैं। हरियाणा के विभिन्न हिस्सों में तैयारियों को अमली जामा पहनाने की कवायद हो रही है। टीकरी बॉर्डर पर लगातार ट्रैक्टरों का पहुंचना जारी है। इसी क्रम में रविवार को भी लगभग तीन हजार और ट्रैक्टर जींद से टीकरी बॉर्डर पर पहुंचे। 

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भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के नेता रामराजी धुल ने बताया कि जींद के किसानों ने लगभग हफ्ते भर रिहर्सल किया। रविवार को लगभग तीन हजार ट्रैक्टर टीकरी बॉर्डर पर पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि तीस साल पहले उनके नेता महेंद्र सिंह टिकैत के नेतृत्व में किसानों ने दिल्ली में बिगुल फूंका था। एक बार फिर से किसानों के सामने वही चुनौती है। 26 जनवरी को किसान सरकार को अपनी ताकत का एहसास कराएंगे। 
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इस बार किसान बोट क्लब में नहीं बल्कि संसद मार्ग से लाल किले तक परेड निकालेंगे, जिसको पूरी दुनिया देखेगी। उन्होंने कहा कि यहां पर जिस प्रकार से किसान जुट रहे हैं उससे लग रहा है कि सबके ज्यादा संख्या में ट्रैक्टर टीकरी बॉर्डर से नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे। उनकी मानें तो करीब 50 हजार ट्रैक्टर परेड में शामिल होंगे। टीकरी बॉर्डर पर एक तरफ बहादुरगढ़ और दूसरी तरफ पलवल की तरफ कई किलोमीटर तक ट्रैक्टरों की कतार लगी है।
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समर्थन में पहुंचे महिलाएं और मजदूरों के दल
टीकरी बॉर्डर पर जारी किसान आंदोलन को रविवार को भी भारी जनसमर्थन मिला। पंजाब और हरियाणा से हजारों की संख्या में महिलाओं व मजदूरों का कारवां यहां पहुंचा और किसानों की आवाज के साथ अपनी आवाज बुलंद की।

टीकरी बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा के मंच पर भारी जनसैलाब उमड़ा हुआ था। साथ ही भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) के बैनर तले हजारों महिला समर्थकों ने भी मोर्चा संभाल रखा था। भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) के अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां ने बताया कि 3 हजार से अधिक महिलाएं किसानों के समर्थन में पहुंचीं। उन्होंने कहा कि किसान सरकार से हर मोर्चे पर बात करने के लिए राजी हुए। लेकिन सरकार से बातचीत का अब तक कोई नतीजा नहीं निकला। उन्होंने कहा कि अब सरकार से बातचीत का कोई फायदा दिखाई नहीं दे रहा है। सरकार की मंशा ठीक होती तो वह अब तक किसानों की बात मान चुकी होती। 

लेकिन सरकार यह बात जान ले कि किसान अब बिना तीनों कृषि कानूनों को वापस कराए बिना यहां से वापस नहीं जाएंगे। चाहे किसानों को साल 2024 तक दिल्ली की सीमाओं पर ही क्यों ना बैठना पड़े। यहां पर बड़ी संख्या में बुजुर्ग महिलाएं भारतीय किसान यूनियन का झंडा थामें पहुंची थीं। जोगिंदर सिंह ने कहा कि अब वह दिन दूर नहीं, जब पूरा पंजाब खाली होकर दिल्ली की सीमाओं पर आ जाएगा। सरकार को यह बात अबतक समझ में नहीं आ रही है।

रविवार को टीकरी बॉर्डर पर उन किसानों के तिरपाल बदले गए, बरसात में जिनके तिरपाल फट गए थे। भारतीय किसान यूनियन के नेता पुरुषोत्तम उदत ने बताया कि हरियाणा के लोगों के सहयोग से दर्जनों किसानों की ट्रालियों पर तिरपाल बदले गए। उन्होंने कहा कि किसान अब इस बात से वाकिफ हो गए हैं कि अभी उनका यह आंदोलन लंबा चलेगा।

गाजीपुर बॉर्डर:किसानों के समर्थन में पहलवानों ने लड़ा दंगल

गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों के सम्मान में रविवार को संयुक्त किसान मंच ने किसान केसरी दंगल का आयोजन किया गया। दोपहर करीब 12 बजे जब कुश्ती के लिए मैट बिछाए जा रहे थे। तब से ही आसपास दंगल देखने वालों की भीड़ उमड़ने लगी। कुछ ही देर में करीब 20 पहलवान अखाड़े के पास पहुंच गए। इनमें महिला और पुरुष दोनों शामिल थे। 

आयोजकों ने सबसे पहले मुकाबले में आए पहलवानों का परिचय कराया। इसके बाद लाउडस्पीकर पर मुकाबले शुरू होने की घोषणा की गई।यह सुनते ही सभी लोग कुश्ती स्थल के आसपास पहुंचने लगे। देखते ही देखते वहां भारी भीड़ उमड़ गई।आलम यह था कि लोग ट्रैक्टर, गाड़ी और फ्लाईओवर के डिवाइडर पर चढ़कर मुकाबला देख रहे थे। आंदोलनरत किसानों से लेकर आसपास के रहने वाले लोग और पुलिसकर्मी भी दर्शकों में शामिल थे। 

पहला मैच मुजफ्फरनगर के पहलवान योगेंद्र और राजभर के बीच खेला गया। पहलवानों को देखकर ही लोग उनकी जीत -हार का कयास लगा रहे थे। एक मुकाबले बड़े पहलवानों को 5 मिनट और छोटे पहलवानों को तीन मिनट का समय दिया जा रहा था। एक के बाद एक कई मुकाबले हुए। जो भी पहलवान जीत रहा था आसपास मौजूद लोग उसको इनाम दे रहे थे। दंगल में करीब 60 महिला पहलवान और पुरूष पहलवान शामिल हुए। 

भारतीय किसान यूनियन ( भाकियू ) राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों के समर्थन में अब पहलवान भी आ गए हैं। आंदोलनरत किसानों आत्मविश्वास काफी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि अन्नदाताओं को हर वर्ग के लोगों का समर्थन मिल रहा है । यह खुशी की बात है । बॉर्डर पर दंगल के आयोजक सदस्य शहीद बचन सिंह कुश्ती अखाड़े के संस्थापक चौधरी युधिष्ठिर पहलवान ने कहा कि वह  पहले किसान के बेटे हैं, उसके बाद पहलवान हैं। किसानों की लड़ाई में अब वह भी उतर गए हैं। दंगल प्रतियोगिता में शामिल हुई महिला पहलवान सोनाक्षी रोहन ने कहा कि वह 3 साल से कुश्ती लड़ रही है। कुछ दिन पहले संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से उन्हें गाजीपुर बॉर्डर पर आने का निमंत्रण मिला था। 

उन्होंने कहा कि हक की लड़ाई में वह भी किसानों के साथ हैं। उन्होंने कहा कि उनके पिता भी एक किसान है । सरकार की ओर से लागू किए गए नए किसी कानून किसान विरोधी है। सरकार को जल्द से जल्द कानून वापस लेने चाहिए।सरकार और किसानों के बीच 8वें दौर की बातचीत भी बेनतीजा रही थी। किसान अपने मांगों पर अड़े हुए हैं। अगली बैठक 15 जनवरी को आयोजित की जाएगी। अनुमान लगाया जा रहा है कि ये बैठक महत्वपूर्ण होगी और किसी न किसी नतीजे पर जरूर पहुंचेगी।
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अब दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर हर रविवार होगी महापंचायत

रविवार को हुई महापंचायत में भाकियू अम्बावता ने 26 जनवरी को दिल्ली का घेराव करने का एलान किया। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर संगठन के पंडाल में किसानों ने महापंचायत की। वहीं, भाकियू अम्बावता ने अब प्रत्येक रविवार को यूपी गेट पर महापंचायत करने का निर्णय लिया है।

प्रदेश अध्यक्ष सचिन शर्मा ने बताया कि संगठन के एक किसान की मौत होने की वजह से महापंचायत दो घंटे देरी से शुरू हुई। सभी ब्लॉक अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष, उपाध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों ने महापंचायत में हिस्सा लिया।

महापंचायत की अध्यक्षता करते हुए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. ऋषिपाल अम्बावता ने एलान किया कि 26 जनवरी को संगठन के किसान गणतंत्र दिवस की परेड में जनपथ का घेराव करेंगे। इस बीच किसानों के तीनों कानून के विरोध में आवाज को बुलंद करने की बात हुई। 

इसके अलावा महापंचायत में यह फैसला लिया गया कि गाजीपुर बॉर्डर पर संगठन अब प्रत्येक रविवार को धरना चालू रखकर महापंचायत करेगा। इस बीच गौतमबुद्धनगर जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी मास्टर नेपाल कसाना को दी गई।

इस दौरान मान सिंह डागर, मांगेराम, अशोक नागर, हनीफ वारसी, प्रवीण शर्मा, मोनू पंवार, सोनू गुर्जर, नरेश, अमित कसाना, बिन्नू अधाना, अमित कसाना, ठाकुर मुकेश सोलंकी, योगेश शर्मा, बलविंदर बाजवा, फरमान त्यागी, विजय सिंह शेरावत, अशोक भाटी,  सुरेश चिल्लर, महिपाल सिंह आदि लोग मौजूद रहे।

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