दिल्ली सरकार के मंत्री ही नहीं है दिल्ली वाले
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अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री बनते ही प्रधानमंत्री से दिल्ली वालों को दिल्ली देखने देने की मांग की थी लेकिन उन्होंने यह फार्मूला लागू नहीं किया। उन्होंने अपनी सरकार में नाम मात्र ही दिल्ली वालों को स्थान दिया है।
‘आप’ सरकार के मुख्यमंत्री और छह मंत्रियों में से केवल एक ही मंत्री दिल्ली का मूल निवासी है और बाकी छह विधायक अन्य राज्यों के मूल निवासी हैं।
हालांकि ये काफी समय से दिल्ली में रह रहे हैं और 2013 के चुनाव में भी सक्रिय थे। जबकि उनकी पार्टी के विधायकों में दिल्लीवासियों की अच्छी खासी संख्या है।
डिप्टी सीएम भी नहीं है दिल्ली वाले
दिल्ली के मुख्यमंत्री बने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल मूल रूप से हरियाणा के निवासी हैं और फिलहाल वह उत्तर प्रदेश के कौशांबी में रहते हैं। दिल्ली में केवल उनका वोट है।
उनकी भांति उनके खासमखास मनीष सिसोदिया भी उत्तर प्रदेश के रहने वाले है और वह वर्ष 2013 के विस चुनाव से पहले तक दिल्ली में नहीं रहते थे। ‘आप’ की दूसरी सरकार में मंत्री बने सतेंद्र जैन भी दिल्ली के रहने वाले नहीं है। वह भी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के निवासी हैं।
‘आप’ के वरिष्ठ गोपाल राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले है और वह भी 2013 में हुए विस चुनाव से पहले तक उत्तर प्रदेश में ही रहते थे। जितेंद्र सिंह तोमर भी मूल रूप सेे दिल्ली के रहने वाले नहीं है। वह मध्य प्रदेश के है, लेकिन वर्षों से दिल्ली में रह रहे हैं। संदीप कुमार भी केजरीवाल की तरह हरियाणा के है। ‘आप’ सरकार में शामिल आसिम अहमद खान ही केवल एक ऐसा चेहरा है जो मूल रूप से दिल्ली का है। वह पुरानी दिल्ली में रहते हैं और वर्षों से राजनीति में सक्रिय हैं।