फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi metro fails for first time,These are the reasons

पहली बार मेट्रो हुआ फेल, डेडलाइन से चूक जाने की ये है वजहें

Wed, 27 Jul 2016 04:16 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला
टीम डिजिटल/अमर उजाला Updated Wed, 27 Jul 2016 04:16 PM IST
विज्ञापन
Delhi metro fails for first time,These are the reasons
दिल्ली मेट्रो

अपनी गति, गुणवत्ता, टाइमिंग और समय से किसी भी प्रोजेक्ट को पूरा करने की खसियत के चलते दिल्ली मेट्रो देश ही नहीं दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुका है। 

विज्ञापन


दिल्ली मेट्रो के 12 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार होने जा रहा है कि डीएमआरसी अपने प्रोजक्ट को तय समय सीमा पर पूरा नहीं कर पाएगा। इस बारे में डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक मंगू सिंह के अनुसार मेट्रो के फेज-3 प्रोजेक्ट में भूमि अधिग्रहण के मुद्दों के चलते मेट्रो लाइन के निर्माण में देरी हो रही है। 
विज्ञापन


आगे वो ये भी कहते हैं कि साल के अंत तक हम नए लाइन पर परीक्षण शुरु कर देंगे लेकिन, 2016 में इस लाइन पर मेट्रो का संचालन संभव नहीं हो पाएगा।

भूमि अधिग्रहण बनी परेशानी का सबब

Delhi metro fails for first time,These are the reasons

सिंह ने मजलिस पार्क से शिव विहार, जनकपुरी (पश्चिम) से कालिंदी कुंज तक की लाइनों पर मेट्रो के शुरु होने की संभावना 2017 के शुरूआती तीन महिनों में जताई है।

सिंह ने बताया कि कालिंदी कुंज से कालका जी तक की मेट्रो लाइन का परीक्षण अगस्त में किया जाएगा। फेज-3 की दूसरी लाइन जो कि केंद्रीय सचिवालय से कश्मीरी गेट तक है उसका परीक्षण भी अगस्त में ही किया जाएगा।

लाईन 7 और 8 पर काम शुरु न हो पाने की वजह भूमि अधिग्रहण है। सिंह ने बताया कि पंजाबी बाग और मायापुरी (लाइन 8) की जमीनों पर से अतिक्रमण पिछले सप्ताह ही हटाया गया है।

पहली बार मेट्रो में होगा नई तकनीकी का प्रयोग

Delhi metro fails for first time,These are the reasons
दिल्ली मेट्रो

जमीन के ऐसे बहुत से हिस्से हैं जो अभी भी डीएमआरसी के कब्जे में नहीं हैं जिसके परिणामस्वरुप फेज-3 पर लाइनों के बनने में देरी हो रही है। इसमें त्रिलोकपुरी की जमीन भी है जो कुछ महीनों तक कानूनी पचड़े में फंसी हुई थी।

मेट्रो के कार्य में हो रही देरी की दूसरी मुख्य वजह बताते हुए सिंह का कहना है कि इसमें सिग्नल की नई प्रणाली का इस्तेमाल किया जाना है। ये सीबीटीसी (कम्यूनिकेसन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल ) एक ऐसा सिस्टम है जिसके जरिए एक ट्रेन दुसरे ट्रेन की लोकेशन रेडियो सिग्नल के द्वारा जान सकती है।

पहली बार इसे फेज-3 के मेट्रो में लागू किया जाएगा। यहां आपको बता दें कि इस नए सिस्टम में ट्रेन चलाने के लिए ड्राइवर की जरुरत नही पड़ेगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed