दिल्ली मेट्रो के पॉकेटमारों में 94 फीसदी महिलाएं
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अगर आप दिल्ली मेट्रो में यात्रा करते हैं तो संदिग्ध महिला यात्रियों से सावधान रहें। इस साल जनवरी से अब तक दिल्ली में मेट्रो में पकड़े गए जेबकतरों में लगभग 94 फीसदी महिलाएं थीं।
खास बात ये है कि ये महिलाएं मुख्य रूप से महिला यात्रियों को ही निशाना बनाती हैं।
दिल्ली, गुड़गांव, फरीदाबाद, नोएडा और गाजियाबाद में 134 मेट्रो स्टेशनों की सुरक्षा में लगे अधिकारियों ने लोगों से अपनी सामान की सुरक्षा करते रहने की अपील की।
कैसे पहचानें इन महिलाओं को?
इस वर्ष जनवरी से मार्च के बीच सीआईएसएफ ने जेबतराशी के आरोप में 126 लोगों को पकड़ा है। इनमें से 118 महिलाएं हैं।
अधिकारियों के मुताबिक महिला जेबतराश अपने साथ बच्चे को लेकर चलती हैं और भीड़ का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम देकर निकल जाती हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि महिला जेबकतरों का एक चतुर गिरोह है। ये अपने साथ या तो बच्चे लेकर चलती हैं या भीड़ में घुल मिल जाती है जिससे कि उनके इरादे पर किसी को संदेह ही नहीं हो।
पकड़ने के लिए पुलिस ने बनाया प्लान
महिला जेबकतरों की बढ़ती संख्या मेट्रो नेटवर्क में सीआईएसएफ सहित सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है क्योंकि पिछले साल भी इसी तरह के आंकड़े आए थे।
गत वर्ष 466 जेबतराशों को पकड़ा गया था, जिसमें महिलाओं की संख्या 421 थी। सीआईएसएफ और मेट्रो पुलिस बीच-बीच में इनके खिलाफ विशेष अभियान चलाती है।
मेट्रो में महिला जेबतराशों की ज्यादा सक्रियता को देखते हुए सीआईएसएफ ने महिला कर्मियों को सादी वर्दी में तैनात किया है।