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Delhi Liquor Scam: मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत बढ़ी, अब छह अप्रैल को होगी अगली सुनवाई
Tue, 19 Mar 2024 11:20 AM IST
अनुज कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनुज कुमार
Updated Tue, 19 Mar 2024 11:20 AM IST
सार
आम आदमी पार्टी और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश हुए। छह अप्रैल तक न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ी।
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मनीष सिसोदिया
- फोटो : वीडियो ग्रैब
विस्तार
आप नेता और पूर्व मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को शराब घोटाला मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत को बढ़ा दिया है। अब अगली सुनवाई छह अप्रैल को होगी।
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हो सकती है हाईप्रोफाइल गिरफ्तारी#WATCH | AAP leader & former Delhi Dy CM Manish Sisodia leaves from Delhi's Rouse Avenue Court for a hearing in the Delhi Excise Policy Case.
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Delhi's Rouse Avenue court extended the judicial custody of Manish Sisodia till April 6, the next date of hearing. pic.twitter.com/Nf51Plm8uCविज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) March 19, 2024
सीबीआई ने अदालत के समक्ष तर्क रखा कि आबकारी नीति मामले में जल्द ही कुछ और हाईप्रोफाइल लोगों को गिरफ्तारी हो सकती है। जांच एजेंसी ने सोमवार को दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर विरोध जताते हुए अदालत के समक्ष तर्क रखा। सीबीआई ने कहा, मामले में जांच चल रही है और आरोपी इसमें बाधा डाल सकते हैं।
उच्चतम न्यायालय की ओर से उपचारात्मक जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद सिसोदिया अपनी जमानत याचिका पर जोर दे रहे हैं। विशेष न्यायाधीश एमके नागपाल ने सिसोदिया के वरिष्ठ वकील मोहित माथुर और सीबीआई के अतिरिक्त लोक अभियोजक पंकज गुप्ता की दलीलें सुनने के बाद प्रवर्तन निदेशालय की ओर से दलीलें सुनने के लिए मामले की सुनवाई 22 मार्च तय की है।
सिसोदिया की और से पेश वरिष्ठ वकील मोहित माथुर ने तर्क रखा कि सुप्रीम कोर्ट ने देखा है कि 13 महीने बीत चुके हैं उनके के भागने का ख़तरा नहीं है। सबूतों से छेड़छाड़ की कोई संभावना नहीं है। दरअसल, अब कोई सबूत नहीं बचा है. सभी सरकारी गवाह बन गए हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता माथुर ने कहा कि दूसरे आरोपी को जमानत दे दी गई, चाहे यह कितनी भी विडंबनापूर्ण क्यों न हो। उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें केवल इसलिए छूट दी क्योंकि एएसजी ने कहा था कि वह जांच को समाप्त कर देंगे। उन्होंने आगे कहा कि इसके अलावा तथ्य यह है कि सरकारी खजाने को कोई नुकसान नहीं हुआ है, बल्कि सरकारी खजाने को लाभ हुआ है। किसी भी निजी व्यक्ति या किसी उपभोक्ता को भी कोई नुकसान नहीं हुआ है। उनके द्वारा कोई पैसा नहीं दिया गया था।
वहीं एपीपी पंकज गुप्ता ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए हमारी तरफ से कोई देरी नहीं हुई। आरोप पर बहस के बाद सुनवाई शुरू होती है. हम उसे शुरू करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा आरोपी मुकदमे में देरी कर रहे हैं।