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जहांगीरपुरी बवाल: दुकानदारों ने ली राहत की सांस, हिंसा वाले दिन दुकानदार रोशन 30 मिनट तक करता रहा जिंदगी से जद्दोजहद
Wed, 20 Apr 2022 10:03 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 20 Apr 2022 10:03 AM IST
सार
जहांगीरपुरी में हुए बवाल के बाद रेहड़ियों पर सब्जी बेचने वाले हो या दुकानें, मंगलवार से एक बार फिर खुलने लगी हैं। खौफजदा दुकानदारों ने सभी से शांति बनाए रखने की अपील की है।
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Delhi Jahangirpuri Violence
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जहांगीरपुरी में हुए बवाल का असर स्थानीय दुकानदारों को उठाना पड़ रहा है। मौजूदा हालात में कई दुकानें तीन दिन बाद खुली तो कुछ दुकानदार अभी भी सहमे हुए हैं। हनुमान जयंती पर दो समुदायों के बीच हुए संघर्ष के दौरान कई दुकानदारों ने अंदर से दुकानें बंद कर ली थी।
उपद्रवियों ने इस दौरान एक दो दुकानों के काउंटर को भी निशाना बनाया। रेहड़ियों पर सब्जी बेचने वाले हो या दुकानें, मंगलवार से एक बार फिर खुलने लगी हैं। खौफजदा दुकानदारों ने सभी से शांति बनाए रखने की अपील की है।
जहांगीरपुरी बवाल के बाद मंगलवार को हर तरफ पुलिस की सुरक्षा बढ़ा दी गई। दोपहर के वक्त लोग अपने जरूरी काम से आते जाते दिखे, लेकिन बंदिशों के बीच। बैरिकेड्स के अंदर सभी को प्रवेश करने की इजाजत न होने के कारण बाहर से आने वालों को अंदर की सड़कों पर जहांगीरपुरी में प्रवेश नहीं करने दिया गया।
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सब्जी दुकानदारों ने बताया कि तीन दिन से उनकी बिक्री न होने से घर में खाने की दिक्कत होने लगी है। रोजाना कमाने वालों पर इसका सर्वाधिक असर पड़ा है। इस क्षेत्र में 100 से अधिक छोटी बड़ी दुकानें हैं, लेकिन बवाल के बाद दुकानें मंगलवार को खुली दिखीं। उपद्रवियों द्वारा नकदी और राशन लूट की घटना को अंजाम देने के अलावा एक दो जगहों पर तोड़फोड़ भी हुई। दुकानदारों को इस बात चिंता सता रही है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे तो उनके लिए मुश्किलें और बढ़ जाएंगी।
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उपद्रवियों ने इस दौरान एक दो दुकानों के काउंटर को भी निशाना बनाया। रेहड़ियों पर सब्जी बेचने वाले हो या दुकानें, मंगलवार से एक बार फिर खुलने लगी हैं। खौफजदा दुकानदारों ने सभी से शांति बनाए रखने की अपील की है।
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जहांगीरपुरी बवाल के बाद मंगलवार को हर तरफ पुलिस की सुरक्षा बढ़ा दी गई। दोपहर के वक्त लोग अपने जरूरी काम से आते जाते दिखे, लेकिन बंदिशों के बीच। बैरिकेड्स के अंदर सभी को प्रवेश करने की इजाजत न होने के कारण बाहर से आने वालों को अंदर की सड़कों पर जहांगीरपुरी में प्रवेश नहीं करने दिया गया।
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सब्जी दुकानदारों ने बताया कि तीन दिन से उनकी बिक्री न होने से घर में खाने की दिक्कत होने लगी है। रोजाना कमाने वालों पर इसका सर्वाधिक असर पड़ा है। इस क्षेत्र में 100 से अधिक छोटी बड़ी दुकानें हैं, लेकिन बवाल के बाद दुकानें मंगलवार को खुली दिखीं। उपद्रवियों द्वारा नकदी और राशन लूट की घटना को अंजाम देने के अलावा एक दो जगहों पर तोड़फोड़ भी हुई। दुकानदारों को इस बात चिंता सता रही है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे तो उनके लिए मुश्किलें और बढ़ जाएंगी।
रोशन ने दुकान के अंदर बगैर रोशनी बिताए आधे घंटे, मोबाइल कर दिया स्विच ऑफ
अपनी दुकान के अंदर आधे घंटे बगैर पंखा और बल्व खुद को बचाने के लिए जद्दोजहद करने वाले एक दुकानदार रोशन ने बताया कि वह इतना डर गया था कि पुलिस को फोन करने के लिए मोबाइल नंबर भी नहीं डायल कर सका। खैरियत पूछने के लिए जब परिजनों की कॉल लगातार आने लगी तो दुकान के बाहर आवाज न जाए, इसके लिए पहले मोबाइल को साइलेंट किया, फिर स्विच ऑफ ही कर दिया।
रोशन ने बताया जैसे ही सड़क पर पथराव और हिंसा की शुरुआत हुई दुकान की शटर बंद कर, अंदर ही बंद हो गए। अंदर लाइट और पंखे को भी ऑफ कर दिया। इस दौरान भीषण गर्मी के बीच चुपचाप अंदर रहकर खुद की जिंदगी बचाने के लिए जद्दोजहद करते रहे। करीब आधे बाद जब घर के लिए निकला तो पुलिस कर्मियों ने सुरक्षित पहुंचाया।
दुकान के काउंटर को किया क्षतिग्रस्त
एक दुकानदार ने बताया कि उनके यहां मिठाईयों के काउंटर को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। हालांकि जैसे ही माहौल खराब होने लगा तत्काल कर्मियों से शटर गिराने को कहा, फिर छत पर चले गए। लेकिन लगातार हो रहे पथराव से उन्हें आधे घंटे से अधिक देरी तक ऐसा लगा जैसे घर पहुंचना भी मुश्किल होगा। आखिरकार सुरक्षा कर्मियों के पहुंचने के बाद माहौल सुधरने के बाद घर के लिए रवाना हुए।
रोशन ने बताया जैसे ही सड़क पर पथराव और हिंसा की शुरुआत हुई दुकान की शटर बंद कर, अंदर ही बंद हो गए। अंदर लाइट और पंखे को भी ऑफ कर दिया। इस दौरान भीषण गर्मी के बीच चुपचाप अंदर रहकर खुद की जिंदगी बचाने के लिए जद्दोजहद करते रहे। करीब आधे बाद जब घर के लिए निकला तो पुलिस कर्मियों ने सुरक्षित पहुंचाया।
दुकान के काउंटर को किया क्षतिग्रस्त
एक दुकानदार ने बताया कि उनके यहां मिठाईयों के काउंटर को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। हालांकि जैसे ही माहौल खराब होने लगा तत्काल कर्मियों से शटर गिराने को कहा, फिर छत पर चले गए। लेकिन लगातार हो रहे पथराव से उन्हें आधे घंटे से अधिक देरी तक ऐसा लगा जैसे घर पहुंचना भी मुश्किल होगा। आखिरकार सुरक्षा कर्मियों के पहुंचने के बाद माहौल सुधरने के बाद घर के लिए रवाना हुए।