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Delhi : असोला अभयारण्य में जंगल ऑन व्हील्स पर हाईकोर्ट खफा, वन विभाग की खिंचाई, कहा- सरकार साफ करे अपना रुख
Fri, 01 Dec 2023 03:25 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 01 Dec 2023 03:25 AM IST
सार
न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने टिप्पणी की कि दिल्ली का वन और वन्यजीव अभयारण्य अफ्रीका में मसाई मारा या सेरेन्गेटी जैसा नहीं है। ऐसे शहर में ऐसी गतिविधियां नहीं हो सकती जहां जंगल दुर्लभ हैं।
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दिल्ली हाईकोर्ट
- फोटो : एएनआई
विस्तार
उच्च न्यायालय ने असोला भट्टी वन्यजीव अभयारण्य में जंगल ऑन व्हील्स, साइक्लोथॉन और वॉकथॉन जैसे कार्यक्रम आयोजित करने की योजना के लिए दिल्ली वन विभाग की खिंचाई की है। न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने टिप्पणी की कि दिल्ली का वन और वन्यजीव अभयारण्य अफ्रीका में मसाई मारा या सेरेन्गेटी जैसा नहीं है। ऐसे शहर में ऐसी गतिविधियां नहीं हो सकती जहां जंगल दुर्लभ हैं।
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उन्होंने कहा कि हम यहां प्रत्येक हेक्टेयर वन भूमि के लिए जीवित हैं। हम सेरेनगेटी या मसाई मारा नहीं हैं। आपके पास यह नहीं हो सकता। इसके बाद पीठ ने अतिरिक्त स्थायी वकील को दिल्ली सरकार का रुख स्पष्ट करने का निर्देश दिया है।
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न्यायालय दिल्ली में वन क्षेत्र और संरक्षित वन क्षेत्रों में किए जा रहे अवैध निर्माण से संबंधित अवमानना याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है। न्यायमूर्ति सिंह ने मामले में पेश हुए न्याय मित्र द्वारा प्रस्तुत एक नोट की जांच करने के बाद यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंगल यहां के नागरिकों के हैं।
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