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Delhi Court: HIV पॉजिटिव होने पर सेवाएं समाप्त करना भेदभावपूर्ण, हाईकोर्ट ने सीएपीएफ कर्मियों को दी बड़ी राहत
Mon, 31 Mar 2025 08:51 AM IST
अनुज कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, नई दिल्ली
संवाद न्यूज एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: अनुज कुमार
Updated Mon, 31 Mar 2025 08:51 AM IST
सार
दिल्ली हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए तीनों को राहत प्रदान की है। कोर्ट ने कहा कि एचआईवी पॉजिटिव सीएपीएफ कर्मियों की सेवाएं समाप्त करना भेदभावपूर्ण है। कोर्ट ने आगे कहा कि याचिकाकर्ता काल्पनिक वरिष्ठता और अन्य परिणामी लाभों के भी हकदार होंगे।
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Delhi High Court
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हाईकोर्ट ने माना कि एचआईवी पॉजिटिव पाए जाने के आधार पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) कर्मियों की सेवा समाप्त करना भेदभावपूर्ण है। साथ ही एचआईवी अधिनियम के तहत निषिद्ध है।
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न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति शालिंदर कौर की पीठ ने कहा कि एचआईवी से पीड़ित व्यक्तियों को उचित आवास प्रदान करना अधिकारियों का कानूनी दायित्व है। कोर्ट ने कहा कि अदालत इस तथ्य से परिचित है कि ये चिकित्सा मानक उन कर्मियों पर भी लागू हो सकते हैं, जिनकी सेवा की पुष्टि हो चुकी है।
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एचआईवी अधिनियम की धारा 3 के अधिदेश को ध्यान में रखते हुए यही मानक उस व्यक्ति पर भी समान रूप से लागू होने चाहिए, जिसे नियुक्ति का प्रस्ताव दिया गया है। उसकी परिवीक्षा अवधि के दौरान उसे एचआईवी पॉजिटिव पाया गया। अदालत ने कहा कि ऐसे कार्मिक की सेवा केवल एचआईवी पॉजिटिव पाए जाने के आधार पर समाप्त करना भेदभाव होगा।
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अदालत ने तीन सीएपीएफ कार्मिकों को राहत प्रदान की, जिन्हें पदोन्नति और नियुक्ति से वंचित कर दिया गया था, क्योंकि वे एचआईवी से पीड़ित पाए गए थे और उन्हें शेप-I चिकित्सा श्रेणी में नहीं रखा गया था।
कोर्ट ने कहा कि हालांकि, 2008 में जारी किए गए एक कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, पदोन्नति के लिए कार्मिकों को शेप-I चिकित्सा श्रेणी में होना आवश्यक है। जिन याचिकाकर्ताओं को पदोन्नति से वंचित किया गया था उनके संबंध में पीठ ने निष्कर्ष निकाला कि आठ सप्ताह के अंदर अधिकारियों की तरफ से गठित समीक्षा डीपीसी की ओर से उन पर पुनर्विचार किया जाएगा।
यदि वे पदोन्नति के लिए उपयुक्त पाए जाते हैं तो परिणामी आदेश पारित किए जाएंगे। अदालत ने कहा कि ऐसे मामले में याचिकाकर्ता पदोन्नति से वंचित किए जाने की तिथि से काल्पनिक वरिष्ठता और अन्य परिणामी लाभों के भी हकदार होंगे।