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Delhi High Court: हाईकोर्ट ने दुष्कर्म पीड़िता से मांगा जवाब, जानें क्या है पूरा मामला
Thu, 10 Oct 2024 08:59 PM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: अनुज कुमार
Updated Thu, 10 Oct 2024 08:59 PM IST
सार
मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला ने उनकी याचिका स्वीकार करते हुए कहा कि नए पक्षकार बनाए गए प्रतिवादियों को तीन सप्ताह के भीतर अपने जवाबी हलफनामे दाखिल करने की अनुमति दी जाती है।
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दिल्ली हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली उच्च न्यायालय ने यौन उत्पीड़न पीड़िता और उसके पिता को एक याचिका पर जवाब दाखिल करने की अनुमति दी है। इसमें फिल्म निर्माता निशा पाहुजा और स्ट्रीमिंग सेवा नेटफ्लिक्स के खिलाफ कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए एक वृत्तचित्र फिल्म में नाबालिग की पहचान उजागर करने के लिए कार्रवाई की मांग की गई है।
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झारखंड के एक गांव में स्थापित, टू किल ए टाइगर एक ऐसे व्यक्ति की यात्रा पर आधारित है, जो अपनी 13 वर्षीय बेटी के लिए न्याय की लड़ाई लड़ रहा है, जिसका तीन पुरुषों ने यौन उत्पीड़न किया था। इस फिल्म को 96 वें अकादमी पुरस्कार 2024 में सर्वश्रेष्ठ वृत्तचित्र फीचर श्रेणी में नामांकित किया था।
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पीड़ित और उसके पिता ने याचिका में पक्षकार बनने की मांग की। कोर्ट ने कहा कि अगर कोई जवाबी हलफनामा है, तो उसे अगली सुनवाई से पहले दाखिल किया जाना चाहिए। अदालत ने याचिकाकर्ता को अतिरिक्त दस्तावेज दाखिल करने की भी अनुमति दी। इसमें नेटफ्लिक्स पर प्रसारित वृत्तचित्र से नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार के सदस्यों की संवेदनशील तस्वीरें युक्त एक सीलबंद लिफाफा भी शामिल है। मामले की अगली सुनवाई 7 जनवरी को होगी।
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