बच्ची से किया रेप, मिलेगी कड़ी सजा
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दिल्ली हाईकोर्ट ने पांच वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म में दोषी शमशेर सिंह की अपील खारिज करते हुए निचली अदालत से मिली सजा को बरकरार रखा है। निचली अदालत ने उसे आजीवन कारावास व तीन लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। अदालत ने कहा था कि जुर्माने की राशि में से ढाई लाख रुपये पीड़ित बच्ची को दिए जाए।
नरेला थाना पुलिस ने 18 अक्तूबर 2008 को रेप की शिकायत दर्ज की थी। घटना के बाद बच्ची की गंभीर हालत के चलते उसे 27 अक्तूबर तक अस्पताल में रहना पड़ा था। दोषी ने हाईकोर्ट में निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए कहा था कि बच्ची ने उसकी पहचान नहीं की और रिपोर्ट देरी से दर्ज कराई गई थी।
'निचली अदालत का फैसला ठीक'
न्यायमूर्ति प्रदीप नंदराजयोग व न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता की खंडपीठ ने दोषी के उस तर्क को खारिज कर दिया कि इतनी कम आयु की बच्ची के बयान पर विश्वास नहीं किया जा सकता, क्योंकि उसने अपनी मां व पुलिस के कहने पर उसका नाम लिया। अदालत ने कहा कि बच्ची के बयानों से साफ है कि शमशेर ने बच्ची से मारपीट और रेप किया।
अदालत ने दोषी के उस तर्क को भी स्वीकार करने से इनकार कर दिया कि बच्ची को चोट दुर्घटना से लगी थी और रेप नहीं हुआ। अदालत ने कहा कि चिकित्सा रिपोर्ट व डॉक्टरों के बयान से रेप की पुष्टि हुई है। खंडपीठ ने कहा कि वे महसूस करते हैं कि सभी तथ्यों व साक्ष्यों का ठोस अध्ययन करने के बाद ही निचली अदालत ने शमशेर को सजा सुनाई है और इस मामले में हस्तक्षेप की कोई गुंजाइश नहीं है।