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दिल्ली सरकार खोलेगी कौशल विकास व उद्यमिता विश्वविद्यालय, कैबिनेट ने प्रस्ताव किया मंजूर
Tue, 15 Oct 2019 02:10 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 15 Oct 2019 02:10 AM IST
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अरविंद केजरीवाल
- फोटो : Amar Ujala
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दिल्ली सरकार युवाओं में उद्यमिता व कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए अलग से एक विश्वविद्यालय खोलने जा रही है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में दिल्ली कैबिनेट ने शिक्षा विभाग के इससे जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
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ओखला के टेली टूल इंजीनियरिंग कॉलेज में दिल्ली का पहला कौशल विकास व उद्यमिता विकास विश्वविद्यालय खोला जाएगा। इसकी क्षमता 50 हजार छात्रों की होगी। यहां डिग्री देने के साथ शोध भी कराए जाएंगे।
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मुख्यमंत्री ने सोमवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का कानूनी व प्रशासनिक ढांचा तैयार है। अब इसे उपराज्यपाल अनिल बैजल के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। उनकी सहमति मिलने के बाद इसका बिल दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा। इसके बाद फिर उपराज्यपाल की सहमति लेनी होगी। औपचारिकता पूरी होते ही एक साल के भीतर इसे तैयार कर लिया जाएगा।
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मुख्यमंत्री ने बताया कि युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी को देखते हुए कौशल विकास व उद्यमिता की सख्त जरूरत है। इसे देखते हुए दिल्ली सरकार ने एक विश्वविद्यालय खोलने का फैसला किया है।
केजरीवाल के मुताबिक, दिल्ली के आईटीआई, पॉलीटेक्निक व कौशल विकास केंद्र विश्वविद्यालय के दायरे में आएंगे। इसका पाठ्यक्रम डिजाइन करने के लिए विशेषज्ञों की एक कमेटी गठित होगी। आगे इसके शुल्क आदि का ढांचा भी तैयार किया जाएगा।
दिल्लीवालों के लिए आरक्षित होगी 85 फीसदी सीटें
सीएम का कहना है कि इसमें छह महीने से तीन साल तक के पाठ्यक्रम होंगे। डिग्री देने के साथ शोध की भी सुविधा होगी। विश्वविद्यालय प्रबंधन बाजार की मांग को पूरा करने के लिए शोध कार्य करेगा। पाठ्यक्रम को भी लचीला रखा जाएगा। समय-समय पर इसमें बदलाव होता रहेगा। विश्वविद्यालय औद्योगिक संगठनों व निजी उद्यमियों की मांग को पूरा करने में सक्षम होगा। इसमें 85 फीसदी सीटें दिल्ली के बच्चों के लिए आरक्षित होगी।
विदेशी विश्वविद्यालयों के अध्ययन के बाद बनाया खाका
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का कहना है कि विदेशों में इस तरह के विश्वविद्यालय चल रहे हैं। दिल्ली सरकार ने वैश्विक मॉडल्स का अध्ययन किया था। फिनलैंड, ब्राजील, सिंगापुर जाकर उनके कैंपस को देखा गया। उद्योग की आवश्यकता के अनुसार वह प्रशिक्षित युवा तैयार करते हैं। दिल्ली सरकार वैश्विक विश्वविद्यालयों से भी गठजोड़ करेगी।