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दिल्ली सरकारी स्कूलः 11वीं के बच्चे टेबलैट से करेंगे पढ़ाई, तीन कंपनियां ने उपलब्ध कराए गैजेट्स
Thu, 03 Dec 2020 09:26 PM IST
Mohit Mudgal
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Thu, 03 Dec 2020 09:26 PM IST
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मनीष सिसोदिया
- फोटो : एएनआई
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सरकारी स्कूल के 11वीं कक्षा के छात्र अब टेबलैट से ऑनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे। तीन बड़ी बिजली कंपनियों ने सीएसआर के तहत 1902 ई-टेबलैट बच्चों को उपलब्ध कराएं हैं। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने गुरुवार को शालीमार बाग स्थित स्कूल में यह टेबलैट बच्चों में वितरित किए। उन्होंने कोरोना महामारी के समय पढ़ाई के लिए महत्वपूर्ण बताया। सिसोदिया ने अन्य कंपनियों से भी बच्चों की ऑनलाइन लर्निंग में सहयोग का आह्वान किया।
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शालीमार बाद स्थित जीएसकेवी एच ब्लॉक तथा बीएल ब्लॉक में आयोजित एक समारोह में पचास स्कूलों के एक-एक बच्चे को यह टेबलैट सौंपे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कोरोना के लिए वैक्सीन तो बन जाएगी लेकिन आज शिक्षा को होने वाले नुकसान की भरपाई किसी वैक्सीन से नहीं हो सकती। इसलिए दिल्ली सरकार प्रयास कर रही है कि पढ़ाई के नुकसान को कम से कम करे। उन्होंने कहा कि स्कूल बंद होने के कारण दिल्ली के सरकारी स्कूलों के बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा देने के भरपूर प्रयास किए गए। लेकिन जिन बच्चों के पास साधन नहीं, उन्हें शिक्षा से जोड़े रखना बड़ी चुनौती है।
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फंड की कमी के कारण सीएसआर के तहत मदद ली
सिसोदिया ने कहा कि कोरोना संकट के कारण सरकार के पास इस साल फंड की कमी है। इसीलिए हमने विभिन्न कंपनियों से सीएसआर में बच्चों की मदद का आग्रह किया। इस मदद के तहत टाटा पावर ने 1059, बीएसईबी राजधानी पावर ने 543 और बीएसईबी यमुना पावर ने 300 टेबलैट दिए हैं। टेबलेट्स सिर्फ 1902 बच्चों की जरूरतों को पूरा करते हैं। अभी बहुत सारे बच्चों को इसकी जरुरत है।
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बच्चों को उन्होंने पढ़ाई में इसका प्रयोग करने और परीक्षा के बाद स्कूल को लौटाने के लिए कहा ताकि यह अन्य जरूरतमंद बच्चों के काम आए। एक छात्रा रजनी ने कहा कि तीन भाई-बहन की क्लास एक समय पर होती है और मम्मी के फोन से काम चलाते हैं। ऐसे में हमें अपनी पढ़ाई में बहुत दिक्कत होती है। अब यह टैब पढ़ाई में मदद देगा।