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दिल्ली सरकार ने बचाए 548 करोड़ रुपये: 'आप' बोली, प्रोजेक्ट वक्त से पहले पूरा कर बचे पैसों से दे रहे मुफ्त बिजली-पानी

Thu, 23 Sep 2021 12:01 PM IST
Amit Sharma Digital अमित शर्मा
Updated Thu, 23 Sep 2021 12:01 PM IST
सार

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मुकरबा चौक परियोजना के पूरा होने पर कहा था कि इन परियोजनाओं की लागत बढ़ा चढ़ाकर जनता के पैसे की लूट होती थी। इसमें नेताओं से लेकर अधिकारियों तक के हिस्से तय होते थे, लेकिन उन्होंने इस भ्रष्टाचार पर पूरी तरह अंकुश लगाकर परियोजनाओं की कीमतें कम कराई हैं, जिसके कारण हर परियोजना में भारी बचत हो रही है...

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Delhi government saved 548 crore by complete work before time AAP said providing free electricity and water facility with this money
दिल्ली सरकार ने 4.5 साल में बनाए 23 फ्लाईओवर : अरविंद केजरीवाल - फोटो : PTI (File Photo)

विस्तार

दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार का दावा है कि उसने राजधानी में चल रही विभिन्न निर्माण परियोजनाओं को समय से पहले पूरा कर जनता का करोड़ों रुपयों का धन बचाया है। मधुबन चौक से मुकरबा चौक कॉरिडोर बनाने का काम 422 करोड़ रुपये के शुरुआती ठेके पर दिया गया था, समय से पहले पूरा कर इसे 297 करोड़ रुपये में बनाया गया और इस तरह इस परियोजना में 125 करोड़ की बचत हुई। इसी प्रकार की लगभग दस परियोजनाओं में सरकार ने 548 करोड़ रुपये की बचत की है। सरकार का दावा है कि इसी प्रकार की बचत से मिल रही राशि को गरीबों को मुफ्त बिजली, पानी जैसी सुविधाओं में उपयोग किया जा रहा है।

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दिल्ली सरकार से मिली जानकारी के मुताबिक, मंगोलपुरी से मुधुबन चौक फ्लाईओवर का काम 423 करोड़ रुपये में किया जाना था, लेकिन समय पूर्व काम करके इसे केवल 323 करोड़ रुपये में पूरा किया गया और इस प्रकार इस परियोजना में सरकार को 100 करोड़ रुपये की बचत हुई। इसे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जनवरी 2016 में जनता को समर्पित किया था।
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इसी प्रकार विकासपुरी से मीरा बाग एलिवेटेड कॉरिडोर को बनाने के लिए शुरुआती तौर पर 560 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया था। लेकिन इस परियोजना को भी समय से पूर्व पूरा कर केवल 460 करोड़ रुपये में पूरा किया गया और इस परियोजना में भी सरकार को लगभग 110 करोड़ रुपये की बचत हुई थी।
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प्रेमबाड़ीपुल से आजादपुर के लिए बनाया गया कॉरिडोर 247 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाना था, लेकिन इस परियोजना को केवल 137 करोड़ रुपये में ही पूरा कर लिया गया और इस प्रकार इस परियोजना में सरकार को 110 करोड़ रुपये की बचत हुई थी।

पूर्वी दिल्ली के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक शास्त्रीपार्क और सीलमपुर में बने फ्लाईओवर को भी लगभग 303 करोड़ रुपये में बनाए जाने के लिए धन आवंटित किया गया था। सरकार का दावा है कि इसे भी रिकॉर्ड समय में पूरा कर केवल 250 करोड़ रुपये में बना दिया गया और इस प्रकार इस परियोजना में 53 करोड़ रुपयों की बचत हुई।

पूर्वी दिल्ली के ही जगतपुरी इलाके में रोड पर बनाए गए फ्लाईओवर को 80 करोड़ रुपये में बनाए जाने का प्रस्ताव पास किया गया था, लेकिन कुछ तकनीकी बदलाव कर इसे केवल 72 करोड़ रुपये में ही पूरा कर लिया गया और इस प्रकार इस परियोजना में भी सरकार को आठ करोड़ रुपये की बचत हुई।

इसी प्रकार भलस्वा फ्लाईओवर को बनाने के लिए 65 करोड़ की धनराशि खर्च होने का अनुमान लगाया गया था, जिसे 45 करोड़ में बनाकर लगभग एक तिहाई यानी 20 करोड़ रुपये की बचत हुई। इसी प्रकार बुराड़ी फ्लाईओवर को 57 करोड़ की बजाय 42 करोड़ रुपये में बनाकर 15 करोड़ रुपये की बचत हुई और मुकुंदपुर चौक फ्लाईओवर में 12 करोड़ रुपयों की बचत हुई। इसे 62 करोड़ रुपयों में बनाया जाना था, लेकिन इसे केवल 50 करोड़ रुपये में ही पूरा कर दिया गया। मयूर विहार के पास बने फ्लाईओवर के निर्माण में भी 50 करोड़ रुपये की जगह 45 करोड़ रुपये लगाकर पांच करोड़ रुपये बचा लिए गए।

कैसे हो रही बचत

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मुकरबा चौक परियोजना के पूरा होने पर कहा था कि इन परियोजनाओं की लागत बढ़ा चढ़ाकर जनता के पैसे की लूट होती थी। इसमें नेताओं से लेकर अधिकारियों तक के हिस्से तय होते थे, लेकिन उन्होंने इस भ्रष्टाचार पर पूरी तरह अंकुश लगाकर परियोजनाओं की कीमतें कम कराई हैं, जिसके कारण हर परियोजना में भारी बचत हो रही है। किसी परियोजना में यह बचत पूरी लागत के एक चौथाई से भी ज्यादा है तो कहीं पर 100-125 करोड़ रुपये तक की बचत की गई है।

भ्रष्टाचार खत्म करने के अलावा परियोजनाओं में तकनीकी बदलाव कर भी धन बचाने की कोशिश की गई है। दावा है कि परियोजना की गुणवत्ता और जनता की सुविधा-सुरक्षा को पूरी तरह बरकरार रखते हुए कुछ तकनीकी बदलाव कर जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा बचाया जा रहा है।

अरविंद केजरीवाल ने उत्तराखंड और गोवा में युवाओं को नौकरी, बेरोजगारी भत्ता और 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की घोषणा के समय मीडिया से कहा कि इस प्रकार के सवाल उठाए जाते हैं कि इन योजनाओं के लिए सरकार के पास पैसा कहां से आएगा।

उन्होंने स्वयं इसका जवाब देते हुए कहा कि सरकार के पास पैसे की कमी नहीं होती है। भ्रष्टाचार के कारण पैसे का दुरुपयोग किया जाता है। वे दिल्ली में भ्रष्टाचार में कमी कर और जनता के पैसे की बचत कर लोगों को मुफ्त बिजली, मुफ्त पानी और महिलाओं के लिए मुफ्त परिवहन की सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं।

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