अब क्यूआर कोड वाले ड्राइविंग लाइसेंस जारी करेगी सरकार, एक क्लिक में मिलेगी चालान की पूरी जानकारी
इस क्यूआर कोड सिस्टम में ड्राइवर के पिछले 10 साल के कामकाज, चालान और अन्य शिकायतों की पूरी जानकारी सुरक्षित रहेगी। कोई भी ड्राइवर को नौकरी पर रखते समय उसके पिछले रिकॉर्ड की जांच कर सकेगा...
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दिल्ली सरकार ने राजधानी को बेहतर प्रशासन देने की एक प्रयोगशाला बना दिया है। शिक्षा का क्षेत्र हो या स्वास्थ्य का, परिवहन का क्षेत्र हो या पर्यावरण का, हर मामले में सरकार कुछ इस तरह की कोशिशें कर रही है जो आने वाले समय में पूरे देश और दुनिया के लिए नजीर साबित होंगी। इसी का एक उदाहरण है कि दिल्ली सरकार ने अब ड्राइविंग लाइसेंस को भी क्यूआर कोड सिस्टम से जोड़ने का निर्णय कर लिया है। इसका सबसे बड़ा फायदा ट्रैफिक कर्मियों को मिलेगा। वह क्यूआर कोड को स्कैन कर चंद क्षणों में ड्राइवर के बारे में पूरी जानकारी हासिल कर पाएंगे। इससे खास मौकों पर उन्हें ज्यादा समय नहीं गंवाना पड़ेगा।
दिल्ली सरकार द्वारा दी गई सूचना के मुताबिक अब राजधानी के सभी ट्रांसपोर्ट कार्यालय क्यूआर कोड वाले ड्राइविंग लाइसेंस जारी करेंगे। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने बताया कि इससे ड्राइविंग लाइसेंस के बारे में एक नया अनुभव लोगों के सामने आएगा। उन्होंने कहा कि इस क्यूआर कोड सिस्टम में ड्राइवर के पिछले 10 साल के कामकाज, चालान और अन्य शिकायतों की पूरी जानकारी सुरक्षित रहेगी। कोई भी ड्राइवर को नौकरी पर रखते समय उसके पिछले रिकॉर्ड की जांच कर सकेगा। इस क्यूआर कोड सिस्टम में ड्राइवर के ब्लड ग्रुप की जानकारी, और यदि उसने अंगदान करने की घोषणा कर रखी है तो उसके बारे में भी पूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी। इससे किसी दुर्घटना होने के समय ड्राइवर को तत्काल मदद पहुंचाई जा सकेगी। यह तकनीकी अपने आप में एक नई नए युग का प्रारंभ बताई जा रही है।