दिल्ली सरकार अब तक खर्च नहीं कर पाई निर्भया फंड, 390 में से महज 19 करोड़ किए व्यय
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दिल्ली सरकार निर्भया फंड के तहत आवंटित आधी-अधूरी रकम ही खर्च सकी है। अभी तक दिल्ली के हर जिले में दुष्कर्म पीड़िताओं को मदद देने के लिए वन स्टॉप सेंटर नहीं बने हैं। 11 में से सिर्फ छह जिलों में ही यह सुविधा मिल सकी है। हालांकि, दिल्ली सरकार का कहना है कि वन स्टॉप सेंटर पर काम चल रहा है। जल्द ही सभी जिलों में इसकी स्थापना कर ली जाएगी।
दिल्ली सरकार को निर्भया फंड से राजधानी के सभी राजस्व जिलों में एक-एक स्टॉप सेंटर बनाने थे। इसका मकसद दुष्कर्म पीड़िताओं को एक छत के नीचे कानूनी और चिकित्सकीय सुविधाएं मुहैया कराना था। निर्भया फंड बनने के बाद से दिल्ली सरकार को इसके लिए फंड आवंटित किया गया है, लेकिन दिल्ली सरकार अभी तक इसे खर्च नहीं कर सकी है।
केंद्रीय महिला व बाल विकास विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, निर्भया फंड के तहत दिल्ली को 390 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। एक मुश्त अनुदान के तौर पर दी गई इस राशि में से सिर्फ 19 करोड़ रुपया ही खर्च हुआ है। इस वित्तीय वर्ष में महिला व विकास विभाग की वन स्टॉप सेंटर योजना पर खर्च करने के लिए 20 करोड़ रुपये दिया गया था। इसका फंड अभी खर्च नहीं हुआ है।
दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली सरकार को वन स्टॉप सेंटर के लिए केंद्र से करीब 65 करोड़ रुपये का बजट मिला है, जिस पर काम चल रहा है। अभी तक 6 जिलों में वन स्टॉप सेंटर बनाए गए हैं, जबकि पांच में इस पर काम चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इसके अलावा दिल्ली सरकार ने बसों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरा लगाने व सुरक्षा गार्ड की तैनाती के लिए भी बजट मांगा था, लेकिन केंद्र ने इस मद में बजट देने से इंकार कर दिया।
क्या है वन स्टॉप सेंटर
जस्टिस उषा मेहरा कमेटी ने सिफारिश की थी कि दुष्कर्म पीड़िताओं को जल्द इंसाफ दिलाने के लिए दिल्ली के हर राजस्व जिले में वन स्टॉप सेंटर बनाए जाएं। दुष्कर्म पीड़िता को एक छत के नीचे कानूनी और चिकित्सा से संबंधित सभी सुविधाएं दी जानी हैं। सेंटर पर इंस्पेक्टर स्तर का पुलिस अधिकारी, महिला मनोचिकित्सक, प्रशिक्षित मेडिकल एक्सपर्ट, नर्स, फोरेंसिक विशेषज्ञ मौजूद रहेंगे। वहीं, पीड़िता के 164 के तहत बयान दर्ज कराने के लिए ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट को बुलाया जाता है।
इन जगहों पर बने हैं वन स्टॉप सेंटर
-गुरु तेग बहादुर अस्पताल, दिलशाद गार्डन
-संजय गांधी अस्पताल, मंगोलपुरी
-बाबा साहब अंबेडकर अस्पताल, रोहिणी
-डीडीयू अस्पताल, हरि नगर
-सफदरजंग अस्पताल, सफदरजंग एंक्लेव