Delhi: चीनी लोन एप से देशभर के हजारों लोगों से करोड़ों की ठगी में चार गिरफ्तार, सैकड़ों फोन जब्त
आउटर नॉर्थ दिल्ली के डीसीपी ब्रजेंद्र कुमार यादव ने बताया, ''इस एप्लीकेशन से करोड़ों रुपये का लोन दिया जा चुका है। इसके अलावा छेड़छाड़ की हुईं और आपत्तिजनक तस्वीरें भेज लोगों को ब्लैकमेल कर उनसे रुपये की उगाही करने में संलिप्त 149 लोगों को नोटिस भेजा गया है।
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सोशल मीडिया पर आप यदि लोन दिलाने के एप का विज्ञापन देखें तो जरा सावधान हो जाएं। संभव है कि लोन के चक्कर में आप चीनी ठगों के शिकार बन जाएं। बाहरी-उत्तरी जिले की साइबर थाना पुलिस ने एक ऐसे ही चीनी लोन एप से वसूली करने वाले गैंग का खुलासा किया है।
पुलिस ने इस संबंध में गैंग सरगना समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान गैंग लीडर अनिल कुमार (35), आलोक शर्मा (24), अवनीश (22) और कनन (35) के रूप में हुई है। आरोपी अनिल दो चीनी नागरिकों के दिशा निर्देश पर भारत में वसूली का धंधा चला रहे थे। इसके लिए अनिल ने द्वारका सेक्टर-7 में एक बड़ा कॉल सेंटर बनाया हुआ था। यहां 150 से अधिक महिलाएं व पुरुष काम करते थे।
गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने कॉल सेंटर पर काम करने वाली 134 महिलाओं व 15 युवकों को पूछताछ में शामिल होने का नोटिस दिया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 151 मोबाइल फोन, तीन लैपटॉप, कंप्यूटर की 153 हार्ड डिस्क समेत अन्य सामान बरामद किया है। छानबीन में पुलिस को पता चला है कि पिछले एक साल से आरोपियों ने भारतीयों से वसूली कर 10 करोड़ से अधिक की रकम चीन भेजी है। इसकी एवज में इसने तीन करोड़ का कमीशन लिया है। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
बाहरी-उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त ब्रिजेंद्र कुमार यादव ने बताया कि पिछले दिनों नई बस्ती नरेला निवासी हिमांशु गोयल ने चीनी एप से जबरन वसूली की शिकायत दी थी। पीड़ित ने बताया कि एक दिन फेसबुक पर उसने एक लोन एप का विज्ञापन देखा। एप में बेहद कम ब्याज दरों पर लोन देने की बात की जा रही थी। पीड़ित ने एप डाउनलोड किया। उसमें उसे 50 हजार रुपये लोन देने की बात की गई। एप डाउनलोड करते समय उससे उसके मोबाइल की कांटेक्ट लिस्ट और फोटो व वीडियो गैलरी एक्सेस की अनुमति मांगी गई, जिसे हिमांशु ने ओके कर दिया।
इसके बाद उसे महज 6,870 रुपये का ही लोन मिला। लोन लेने के बाद जैसे हिमांशु की आफत ही आ गई। उसकी फोटो गैलरी में सेंध लगातर आरोपियों ने उसके परिवार के फोटो छेड़छाड़ कर उसे भेज दिए। इनको सोशल मीडिया पर डालने की धमकी देकर उससे वसूली शुरू कर दी गई। पीड़ित से धीरे-धीरे एक लाख रुपये वसूल लिए गए।
इस घटना की वजह से हिमांशु और उसका पूरा परिवार परेशान हो गया। पुलिस ने हिमांशु की शिकायत पर मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। पता चला कि हिमांशु से वसूली की कॉल द्वारका इलाके से हो रही थीं। द्वारका के रामपाल चौक के पास रैकी की गई। वहां एक बिल्डिंग की तीन मंजिलों पर बड़ा कॉल सेंटर चल रहा था।
पुलिस की टीम ने वहां छापा मारा। यहां फ्लाई हाई ग्लोबल सर्विस एंड टेक्नोलॉजी के नाम से कॉल सेंटर मौजूद था। यहां 150 से ज्यादा लोग काम कर रहे थे। पुलिस ने मौके से कॉल सेंटर के तीन टीम लीडर कनन, अवनीश और आलोक शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद कॉल सेंटर के मालिक व सरगना अनिल कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया। कॉल सेंटर में मौजूद 134 महिलाओं और 15 पुरुषों को पूछताछ में शामिल होने का नोटिस दिया गया।
चीन में बैठे दो नागरिक करवा रहे थे लोन एप के जरिये वसूली...
पुलिस की पूछताछ में सरगना अनिल ने बताया कि वह एसओएल से ग्रेजुएशन कर रहा है। शुरुआत में उसने वसंत विहार के एक कॉल सेंटर में काम किया। कॉल सेंटर के अलावा कई अन्य दफ्तरों में काम किया। इस दौरान दो चीनी नागरिक एल्बर्ट और मिस्टर ट्री ने उससे संपर्क किया। दोनों के कहने पर अनिल ने द्वारका सेक्टर-7 में एक कॉल सेंटर खोलकर वहां 150 से ज्यादा महिलाओं व पुरुषों को नौकरी पर रख दिया। चीनी नागरिकों द्वारा उपलब्ध कराए गए एप का सोशल मीडिया के जरिए प्रचार किया जाता था। इसके बाद जो लोग इनके जाल में फंस जाते तो उनसे वसूली कर रकम को अपना कमीशन रखकर चीन भेज दिया जाता था।
ऐसे की जाती थी ठगी...
फेसबुक, इंस्टाग्राम और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉम पर एप का विज्ञापन किया जाता था। यहां बेहद कम ब्याज पर लोन देने के नाम पर लोगों को जाल में फांसा जाता था। एक बार जब लोग एप को डाउनलोड करते थे तो उनके कांटेक्ट लिस्ट और फोटो गैलरी को एक्सेस करने के लिए अनुमति मांगी जाती थी। अनुमति दिए बगैर लोन का एप आगे बढ़ता ही नहीं था। मजबूरन अनुमति देनी ही पड़ती थी।
लोन के लिए एप्लाई करने पर बहुत कम लोन दिया जाता था। इसके बाद एक टीम पीड़ित के मोबाइल में मौजूद परिवार के फोटो से छेड़छाड़ कर उनको अश्लील बना देते थे। बाद में इनको सोशल मीडिया और कांटेक्ट में मौजूद लोगों को भेजने की धमकी देकर वसूली की जाती थी। गैंग इसी तरह हजारों लोगों से करोड़ों रुपये चीन भेज चुके हैं। पुलिस इनके बैंक खातों की जांच कर रही है।