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Delhi assembly election 2020: द्वारका सीट: चाय की चुस्कियों के बीच सियासी चर्चा से माहौल में गर्मी

Fri, 24 Jan 2020 05:45 PM IST
Mohit Mudgal अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Mohit Mudgal Updated Fri, 24 Jan 2020 05:45 PM IST
सार

  • सड़कों का मुद्दा अहम 
  • कांग्रेस- आप के बीच उम्मीदवारों की अदला-बदली 

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delhi election 2020 dwarka vidhan sabha seat roads and candidates election issue  
Delhi Election 2020 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

द्वारका विधानसभा में डाबड़ी एक्सटेंशन की चाय की दुकान। चाय की चुस्कियों के बीच चल रही सियासी चर्चा माहौल में गर्मी पैदा कर रही थी। बातचीत में तंज कसते हुए शंकर ने कहा- ताऊ, इस बार चेहरे पर न जाना, निशान देखकर ही बटन दबाना। एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने अपने नेता भी बदल दिए हैं।

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शंकर की बात पर सभी ने एक साथ ठहाका लगाया। थोड़ी देर बाद खुशनुमा माहौल में सियासी चर्चा ने फिर जोर पकड़ा। लगातार चुनाव पर चल रही चर्चा के बीच अचानक रामजी बोल पड़ते हैं, बाऊजी चाय ठंडी हो जाएगी, इसे पी लो। चाय का प्याला हाथ में रखते हुए संतोष ने कहा कि सरकार कोई भी बने, महंगाई की मार तो हमें झेलनी होगी।
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पास में बैठे शंकर भी चर्चा में कूदते हुए कहते हैं कि सरकार ने बसों में महिलाओं को राहत दी, बिजली पानी का बिल नहीं आ रहा है। लेकिन, अभी भी विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं की अनदेखी की गई। इस बार प्रत्याशियों के चेहरों की अदला-बदली से पार्टी का निशान देखने के बाद ही वोट के लिए बटन दबाना होगा। सरकार एक साल के लिए नहीं, पांच साल की होगी।
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सुशील बोल पड़ते हैं कि सरकार ने कई काम किए, लेकिन पश्चिमी दिल्ली से द्वारका को जोड़ने वाली मुख्य सड़क की बदहाली पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। मेट्रो स्टेशन सेक्टर-एक दो के बीच पावर हाउस के पास बनाने की योजना थी, लेकिन वह भी कहीं गुम हो गई। वोट उसे ही देंगे जो मुख्य सड़क के खस्ताहाल रास्ते को दुरुस्त करने सहित अन्य समस्याओं को दूर कर सके।

चाय का प्याला छोड़कर सुरेन्द्र पांडेय भी इस चर्चा में शामिल होकर कहते हैं कि सड़क को छोड़ पानी, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित तमाम बुनियादी सुविधाएं अच्छी हैं।

सुबोध ने कॉलोनियों को नकारे जाने का पार्टियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि हमारी समस्याओं को दूर करने वालों को ही वोट देंगे। द्वारका के तमाम सेक्टर में सभी सुविधाएं हैं।

केवल वोट के लिए हमें याद किया जाता है। दशरथपुरी, डाबड़ी एक्सटेंशन, डाबड़ी और नसीरपुर सहित आसपास की कॉलोनियों के मतदाता इस बार जवाब देंगे। वोट उसे ही देंगे जो डाबड़ी-द्वारका की सड़क को बनाने का काम करे। कॉलोनियों की अनदेखी करने वालों को इस बार समर्थन नहीं देंगे।

जातिगत आंकड़ा :

1. सामान्य: 15 फीसदी

  • पंजाबी: 6 फीसदी
  • वैश्य: 4 फीसदी
  • राजपूत: 3 फीसदी
  • अन्य: दो फीसदी

2. ओबीसी: 30 फीसदी

  • जाट: 24 फीसदी
  • यादव: 4 फीसदी
  • मीणा: 2 फीसदी


3. अनुसूचित जाति: 13 फीसदी

  • बागड़ी: 4 फीसदी
  • जाटव: 4 फीसदी
  • वाल्मीकि: 3 फीसदी
  • अन्य: दो फीसदी


4. मुस्लिम: 10 फीसदी

  • मिश्रित महानगरीय आबादी: 32 फीसदी
  • पूर्वांचली: 20 फीसदी
  • गढ़वाली: 5 फीसदी
  • हरियाणवी: 4 फीसदी
  • अन्य: पांच फीसदी


नोट: आकड़े राजनीतिक दलों ने जुटाए हैं।

2020 के दंगल के खिलाड़ी

  • भाजपा: प्रद्युम्न राजपूत
  • आप: विनय कुमार मिश्रा
  • कांग्रेस: आदर्श शास्त्री

2015 में रहा था परिणाम:
 

पार्टी  प्रत्याशी    मिले वोट
आम आदमी पार्टी  आदर्श शास्त्री     79729
भाजपा    प्रद्युम्न राजपूत        40363


                                         
             




 

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