जल्दी ही फिर जेल के अंदर होंगे राजा व कनिमोझी!
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अदालत ने 2-जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाला मामले में पूर्व संचार मंत्री ए. राजा व द्रमुक सांसद कनिमोझी समेत 19 आरोपियों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दायर आरोपपत्र पर संज्ञान लेने पर फैसला 2 मई तक सुरक्षित रख लिया है।
आरोपपत्र में एम. करुणानिधि की पत्नी दयालु अम्मा भी आरोपी हैं। पटियाला हाउस स्थित विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी के सामने ईडी के वकील ने बताया कि सभी के खिलाफ मनी लांड्रिंग रोधक कानून (पीएमएलए) के तहत मुकदमा चलाने के लिए पुख्ता सबूत हैं।
करुणानिधि की पत्नी भी हैं आरोपी
उन्होंने कहा कि डीएमके के कलिंगनार टीवी को दिए गए 200 करोड़ रुपये कोई लोन नहीं बल्कि रिश्वत थी, जो डीबी ग्रुप को स्पेक्ट्रम लाइसेंस देने के एवज में मिली थी। रिश्वत की रकम व लाइसेंस देने में ए. राजा ने मुख्य भूमिका अदा की थी। डीएमके प्रमुख एम. करुणानिधि की पत्नी मामले में आरोपी है।
आरोपपत्र में राजा, कनिमोझी, स्वान टेलीकॉम प्राइवेट लि. (एसटीपीएल) व उसके निदेशक शाहिद उस्मान बलवा तथा विनोद गोयनका, कुसेगांव फ्रूट्स एंड वेजिटेबल्स प्राइवेट लि. व उसके निदेशक आसिफ बलवा, राजीव अग्रवाल, बॉलीवुड निर्माता करीम मोरानी, कलिंगनर टीवी व उसके प्रबंध निदेशक शरद कुमार, पी. अमृतथम, सिने युग फिल्म्स प्राइवेट लि. व चार अन्य कंपनियों को आरोपी बनाया गया है।