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Delhi: 800 करोड़ के बैंक घोटाले में कोर्ट का निर्देश- जांच में स्थिति रिपोर्ट दाखिल करे ईओडब्ल्यू
Wed, 14 Sep 2022 06:10 PM IST
अनुराग सक्सेना
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: अनुराग सक्सेना
Updated Wed, 14 Sep 2022 06:10 PM IST
सार
मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट शिवानी चौहान ने जांच अधिकारी को निर्देश दिया कि वित्तीय वर्ष 2014-2015 से 2016-2017 के लिए मैसर्स जेकेएम इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के फोरेंसिक ऑडिट द्वारा उजागर की गई विसंगतियों पर क्या जांच की गई है।
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कोर्ट।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
अदालत ने दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को पिछले 10 महीनों में सार्वजनिक क्षेत्र के 800 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में की गई जांच के संबंध में स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है।
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साकेत जिला न्यायालय की मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट शिवानी चौहान ने जांच अधिकारी (आईओ) को यह भी रिपोर्ट करने का निर्देश दिया कि वित्तीय वर्ष 2014-2015 से 2016-2017 के लिए मैसर्स जेकेएम इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के फोरेंसिक ऑडिट द्वारा उजागर की गई विसंगतियों पर क्या जांच की गई है। अदालत ने मामले की सुनवाई 24 नवंबर तय की है।
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कोर्ट ने यह आदेश सीआरपीसी की धारा 156(3) के तहत वैभव जालान द्वारा दायर एक आवेदन में पारित किया, जिसमें कथित घोटाले की अदालत की निगरानी में जांच की मांग की गई है। जेकेएम इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के निदेशक गौरव जालान नाम के आरोपी के खिलाफ दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में पहले से ही प्राथमिकी दर्ज है।
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शिकायतकर्ता के वकील ने कहा कि आरोपी व्यक्ति ने फर्जी चालान बनाए थे और कंपनी मेसर्स जेकेएम इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड के खातों से शेल कंपनियों के खाते में पैसे ट्रांसफर कर दिए थे।
उन्होंने कहा कि आरोपियों ने भारतीय स्टेट बैंक सहित सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के एक संघ से कथित तौर पर 800 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का गबन किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान मामले में आईओ द्वारा कोई प्रभावी जांच नहीं की गई है और शिकायतकर्ता को पिछले दस महीनों में जांच के उद्देश्य से नहीं बुलाया गया था।
उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि वर्तमान मामले में जांच की निगरानी की आवश्यकता है क्योंकि सरकारी खजाने की एक बड़ी राशि दांव पर है। उन्होंने अदालत को इस गंभीर आशंका से भी अवगत कराया कि आरोपी कानून की प्रक्रिया से बचने के लिए देश छोड़कर भाग सकते हैं।