Delhi Coaching Centre Incident: मुख्य सचिव ने सौंपी आतिशी को रिपोर्ट, बताया उस दिन क्यों हुई इतनी बड़ी घटना
रिपोर्ट में बताया गया है कि इस कोचिंग संस्थान ने ड्रेनेज सिस्टम को पूरी तरह से बंद कर दिया है और इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय भी नहीं किए हैं।
विस्तार
राजेंद्र नगर स्थित राव कोचिंग संस्थान ने ड्रेनेज सिस्टम को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया था। साथ ही संस्थान में बचाव के कोई व्यवस्था नहीं थी। यह खुलासा हुआ है दिल्ली के मुख्य सचिव की रिपोर्ट से। सोमवार को मंत्री आतिशी के आरोपों के बाद मुख्य सचिव ने अपनी रिपोर्ट दिल्ली सरकार की को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में कई सवाल उठाए गए हैं।
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि कोचिंग संस्थान से ड्रेनेज सिस्टम को ब्लॉक किया। नाले को ऊपर से कवर कर दिया। वहां सुरक्षा के कोई उपाय भी नहीं थे। कोचिंग संस्थान का पार्किंग स्थल सीधे सड़क से मिलता है और भारी बारिश की स्थिति में सड़क पर आने वाला पानी नाले में जाने की बजाए सीधा पार्किंग में जा सकता है। पार्किंग इलाके में सुरक्षा स्टाफ की भी कमी थी। इसके अलावा रिपोर्ट में एमसीडी पर भी सवाल उठाए गए हैं। साथ ही जूनियर इंजीनियर को टर्मिनेट करने, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को कारण बताओ नोटिस जारी करने की बात की गई है। इसके अलावा एमसीडी की रिपोर्ट में बेसमेंट में पानी भरने के पीछे कई संभावित कारणों का जिक्र है।
इसमें अतिक्रमण और कोचिंग सेंटर वाली इमारत के बाहर सड़क की अजीबोगरीब रूपरेखा शामिल है। सड़क पर लोगों ने रैंप का निर्माण किया है, जिससे बारिश का पानी जल निकासी प्रणाली में नहीं जा पाया। एमसीडी की रिपोर्ट में कहा कि जिस प्रॉपर्टी में कोचिंग सेंटर चल रहा था, उसकी पार्किंग की ऊंचाई आसपास की प्रॉपर्टी के मुकाबले कम था। इलाके की अन्य इमारतों में भारी जलभराव की स्थिति में बारिश के पानी को पार्किंग एरिया और बेसमेंट में जाने से रोकने के लिए बैरियर वॉल लगाई गई थी। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि कोचिंग सेंटर बिल्डिंग के सुरक्षा कर्मचारियों ने कोई निगरानी नहीं रखी, जिसके परिणामस्वरूप पानी बिना रुके पार्किंग एरिया को पार कर बेसमेंट में प्रवेश कर गया। इसके अलावा रिपोर्ट में 18 नालों की सफाई की बात भी की है।
सात अगस्त तक सौंपे तीसरे पक्ष की ऑडिट रिपोर्ट : मंत्री
मंत्री सौरभ भारद्वाज ने मुख्य सचिव को सात अगस्त तक गाद निकालने के मामले में तीसरे पक्ष की ऑडिट की रिपोर्ट सौंपने की बात की है। नालों की सफाई के बारे में उन्होंने सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को लंबित फाइल के बारे में जानकारी देने को कहा है। साथ ही पूछा है कि यह मामला राजेंद्र नगर से कैसे जुड़ा है। इसके बारे में भी विस्तार से बताएं।
एमसीडी कमिश्नर ने कही ये बात
एमसीडी कमिश्नर अश्विनी कुमार ने कहा है कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और इसमें हमने दो-तीन मोर्चों पर काम किया है। हम उस क्षेत्र में सभी अतिक्रमणों को ध्वस्त कर देंगे और वहां जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करेंगे। सभी बेसमेंट जो अवैध हैं या कोचिंग सेंटर वहां चल रहे हैं, हम उनके खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। दिल्ली नगर निगम (MCD) ने एक जूनियर इंजीनियर को बर्खास्त कर दिया है और एक सहायक इंजीनियर को निलंबित कर दिया है और संबंधित कार्यकारी इंजीनियर से स्पष्टीकरण मांगा है।
दृष्टि आईएएस के विकास दिव्यकीर्ति ने रखा अपना पक्ष
दृष्टि आईएएस के एक्स अकाउंट पर पोस्ट साझा करते हुए विकास दिव्यकीर्ति ने कहा कि, 'हमें खेद है कि हमने अपना पक्ष रखने में देरी की। वस्तुतः हम नहीं चाहते थे कि अधूरी जानकारी के आधार पर कुछ कहें। इस देरी के लिये हम हृदय से क्षमाप्रार्थी हैं। शनिवार की दुर्भाग्यपूर्ण घटना, जिसमें 3 विद्यार्थियों श्रेया यादव, तान्या सोनी और निविन डाल्विन की असमय व दर्दनाक मृत्यु हुई, पर हम गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। हम तीनों बच्चों के प्रति विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि उनके परिवारजनों को यह अपूरणीय क्षति झेलने का हौसला प्रदान करें।
आगे कहा कि इन बच्चों के परिवारों से हमारा प्रत्यक्ष परिचय नहीं है किंतु दुख की इस घड़ी में हम पूरी तरह उनके साथ हैं। यदि हम किसी भी तरह उनके लिये कुछ कर सकेंगे तो कृतज्ञता महसूस करेंगे। इस दुर्घटना को लेकर विद्यार्थियों में जो रोष दिख रहा है, वह पूरी तरह न्यायसंगत है। बहुत अच्छा होगा यदि इस रोष को सटीक दिशा मिले और सरकार कोचिंग संस्थाओं के लिये निश्चित दिशानिर्देश लागू करे। इस संबंध में हम सरकार के साथ सक्रिय सहयोग करने को तत्पर हैं।