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दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल में टकराव जारी, केजरीवाल बोले-उन्हें भ्रम है, हमें नहीं

Sat, 07 Jul 2018 11:39 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली Updated Sat, 07 Jul 2018 11:39 PM IST
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delhi Chief Minister Arvind Kejriwal attacked on governor Anil Baijal
केजरीवाल सिसोदिया - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार व दिल्ली के उपराज्यपाल को सुझाव दिया है कि किसी भी भ्रम को दूर करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय उन्हें जाना चाहिए। 
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शीर्ष न्यायालय ने स्पष्ट तरीके से दिल्ली सरकार के अधिकारों की व्याख्या अपने आदेश में की है। उन्हें भ्रम है, हमें नहीं है। केजरीवाल ने कहा कि अब हमें सेवाओं के अधिकार के मामले में भी किसी से पूछने की आवश्यकता नहीं। 
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सेवा विभाग पर नियंत्रण के मुद्दे पर केंद्र और उपराज्यपाल अपना भ्रम दूर करें। ट्रांसफर-पोस्टिंग के मामले में किसी तरह का भ्रम है तो केंद्र व उपराज्यपाल अदालत जा सकते हैं। 
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आपको बता दें कि दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल अनिल बैजल के बीच अधिकारियों की नियुक्ति व तबादले पर चल रहा विवाद शुक्रवार को दोनों की मुलाकात के बाद भी नहीं सुलझा। केजरीवाल ने कहा कि इतिहास में यह पहली बार है कि केंद्र सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना कर रहा है।

ऐसे तो देश में अराजकता फैल जाएगी। विवाद को निपटाने के लिए केजरीवाल ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात का समय मांगा है। उन्होंने ट्वीट किया कि वह गृह मंत्री से सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कराने का आग्रह करेंगे। 

वहीं, उपराज्यपाल का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय गृह मंत्रालय की 2015 में जारी अधिसूचना खारिज नहीं की है। ऐसे में सेवा विभाग से जुड़े मामले उनके पास ही रहेंगे। दिल्ली सरकार को सेवा विभाग से जुड़े मामलों पर सुप्रीम कोर्ट की नियमित बेंच का फैसला आने तक इंतजार करना चाहिए। 

मुख्यमंत्री ने फिर कहा कि उपराज्यपाल सेवा विभाग से संबंधति मामले दिल्ली सरकार को सौंपने के लिए तैयार नहीं हैं। सरकार इस मामले में कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद सभी आशंकाएं दूर होने की उम्मीद थी। फैसले में स्पष्ट लिखा है कि पुलिस, जमीन और कानून व्यवस्था से जुड़े मामले ही उपराज्यपाल के पास हैं। बाकी सभी विषयों पर दिल्ली सरकार काम करेगी। 
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