फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi Assembly: The hanging house issue will heat up the House during the winter session.

Delhi: शीतकालीन सत्र में फांसी घर का मामला बढ़ाएगा सदन की गर्माहट, सत्ता पक्ष तैयार... विपक्ष के तीर तरकश में

Sat, 03 Jan 2026 01:52 AM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 03 Jan 2026 01:52 AM IST
सार

विधानसभा परिसर में बने तथाकथित फांसी घर के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक होना तय है।

विज्ञापन
Delhi Assembly: The hanging house issue will heat up the House during the winter session.
दिल्ली विधानसभा (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई

विस्तार

विधानसभा परिसर में बने तथाकथित फांसी घर का मामला शीतकालीन सत्र में सदन की गर्मी बढ़ा सकता है। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक होना तय है। कार्य मंत्रणा समिति ने इस मुद्दे पर आगामी शीतकालीन सत्र में सदन में चर्चा कराने का निर्णय लिया है, ताकि पूरे मामले पर तथ्यात्मक और व्यवस्थित बहस हो सके। विधानसभा के पिछले सत्र में भी ये मुद्दा विवादित रहा।

विज्ञापन


दिल्ली विधानसभा की कार्य मंत्रणा समिति ने शुक्रवार को फांसी घर मामले पर आगे की संसदीय कार्यवाही की रूपरेखा तय कर दी है। समिति ने निर्णय लिया है कि 9 अगस्त 2022 को विधानसभा परिसर में उद्घाटन किए फांसी घर की प्रामाणिकता से जुड़े विषय को आगामी शीतकालीन सत्र में सदन के पटल पर रखा जाएगा। 5 से 8 जनवरी तक चलने वाली आठवीं विधानसभा के चौथे सत्र में ये विषय आएगा।
विज्ञापन


कार्य मंत्रणा समिति ने बताया है कि ये मामला पहले विशेषाधिकार समिति के पास जांच के लिए भेजा गया था। जांच पूरी होने के बाद अब इसे सदन में किस तरह लाया जाए, इस पर विचार करने के लिए कार्य मंत्रणा समिति के सामने रखा गया। विस्तृत चर्चा के बाद समिति ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी, जिस पर शीतकालीन सत्र के दौरान सदन में चर्चा होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


तय समय और संसदीय परंपरा से चलेगा सदन
शुक्रवार को हुई कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता, उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट के अलावा सदस्य अभय वर्मा, जितेन्द्र महाजन, ओम प्रकाश शर्मा और सोम दत्त मौजूद रहे। बैठक में तय हुआ कि सदन में लाए जाने वाले हर विषय में प्रक्रिया स्पष्ट रहेगी। संसदीय परंपराओं का पालन होगा। चर्चा व्यवस्थित और तथ्य आधारित होगी।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि समिति ने जांच के दौरान संबंधित लोगों को अपना पक्ष रखने के लिए अवसर दिए। इसके बावजूद दो-दो बार बुलाए जाने पर भी तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, राम निवास गोयल और राखी बिरला विशेषाधिकार समिति के सामने पेश नहीं हुए। यह बात जांच के दौरान रिकॉर्ड में आई।

सत्ता पक्ष पूरी तैयारी में, विपक्ष के तीर फिलहाल तरकस में
विशेषाधिकार समिति में प्रद्युम्न सिंह राजपूत सभापति हैं, जबकि सूर्य प्रकाश खत्री, अभय कुमार वर्मा, अजय कुमार महावर, सतीश उपाध्याय, नीरज बसोया, रवि कांत, राम सिंह नेताजी और सुरेन्द्र कुमार इसके सदस्य हैं। समिति ने जांच रिपोर्ट और तथ्यों को आगे की कार्यवाही के लिए सौंपा है।


कार्य मंत्रणा समिति ने साफ किया कि विधानसभा सदन में इस मुद्दे पर पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ चर्चा कराई जाएगी। संस्थागत जवाबदेही तय होना जरूरी है, ताकि विधानसभा की गरिमा बनी रहे। सत्ता पक्ष पूरी तैयारी में है। ऐसे में विपक्ष इसका जवाब कैसे देगा यह सदन में ही पता चलेगा। क्योंकि विपक्ष इस बारे में फिलहाल चुप है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed