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आप नेताओं को कितना बांध पाएंगे भाजपा के ये उम्मीदवार, कांग्रेस उम्मीदवारों पर गड़ी नजर
Fri, 17 Jan 2020 10:53 PM IST
Vikas Kumar
अमित शर्मा, नई दिल्ली
अमित शर्मा, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 17 Jan 2020 10:53 PM IST
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दिल्ली विधानसभा चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अभी अपने पूरे उम्मीदवारों की लिस्ट भी जारी नहीं की है, लेकिन अभी से सही उम्मीदवारों के चयन को पर पार्टी के अंदर ही सवाल खड़े होने शुरु हो गए हैं। खूब मंथन करने के बाद भी जहां पार्टी को आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल के खिलाफ कोई मजबूत उम्मीदवार अभी तक नहीं मिल पाया है, वहीं उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के सामने पार्टी ने रवि नेगी को मैदान में उतारा है।
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भाजपा के ही लोग यह मानते हैं कि रवि नेगी मनीष सिसोदिया को बांधकर रखने में कामयाब नहीं हो पाएंगे। हालांकि, 57 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम की घोषणा करते हुए दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने दावा किया कि वे इन्हीं उम्मीदवारों के दम पर यह चुनावी फतह हासिल करेंगे और दिल्ली में सरकार बनाएंगे।
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इसी प्रकार आम आदमी पार्टी से भाजपा में आए कपिल मिश्रा को उनके क्षेत्र करावल नगर से हटाकर मॉडल टाउन भेज दिया गया है। यह सीट बिजनेस क्लास के लोगों की मानी जाती है जहां कपिल मिश्रा का कोई आधार नहीं रहा है जबकि आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार अखिलेश पति त्रिपाठी यहां से पूर्व विधायक रहे हैं। उन्होंने अपने क्षेत्र में बेहतर काम भी किया है और पिछला चुनाव भी उन्होंने 16,706 वोटों से जीता था। माना जा रहा है कि पहले की बढ़त और लोगों के संबंध इस चुनाव में भी उन्हें मजबूती दिला सकते हैं।
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वहीं, पूर्वांचल बहुल आबादी वाली सीट करावल नगर से पार्टी ने मोहन सिंह बिष्ट को मैदान में उतारा है। पहाड़ी लोगों के बीच उनकी छवि बहुत बेहतर मानी जाती है जबकि पूर्वांचली लोगों के बीच उनकी पकड़ कमजोर बताई जाती है। आम आदमी पार्टी ने इस सीट से नए चेहरे दुर्गेश पाठक को मैदान में उतारा है। वे अरविंद केजरीवाल टीम के बेहतर सहयोगी के रूप में जाने जाते हैं। कांग्रेस के भी उम्मीदवार के सामने आने के बाद अगर करावल नगर सीट की लड़ाई पूर्वांचली बनाम अन्य के रुप में तब्दील हुई तो इसका लाभ आम आदमी पार्टी को मिल सकता है।
भाजपा ने अपने तीन पूर्व विधायकों को मैदान में उतार दिया है। ओम प्रकाश शर्मा को विश्वास नगर, विजेंद्र गुप्ता को रोहिणी और जगदीश प्रधान को मुस्तफाबाद सीट से दुबारा मौका मिला है। मुस्लिम बहुल आबादी से जगदीश प्रधान की जीत को पिछली बार भी तुक्के की जीत माना गया था क्योंकि आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार मोहम्मद यूनुस को 49,791 वोट मिले थे तो कांग्रेस के हसन अहमद को यहां से 52,357 वोट मिले थे। जगदीश प्रधान को यहां से 58,388 वोट मिले थे।
अगर मुस्लिम वोटों का जरा भी ध्रुवीकरण होता है तो जगदीश प्रधान को इसका नुकसान हो सकता है। ओम प्रकाश शर्मा की साख जनता के बीच बहुत प्रभावित हुई है, हालांकि मौजूदा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता की उम्मीदवारी मजबूत मानी जा रही है। भाजपा के चौथे विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा की सीट राजौरी गार्डन से पार्टी ने अभी कोई उम्मीदवार घोषित नहीं किया है।
आम आदमी पार्टी के नेता शोएब इकबाल के दबदबे वाली सीट मटिया महल पर पार्टी ने अपने नेता रवींद्र गुप्ता को मैदान में उतारा है। वे मेयर रहे हैं और पश्चिमी क्षेत्र में बेहतर पकड़ वाले नेता माने जाते हैं। लेकिन शोएब इकबाल की सीट पर उनकी दावेदारी किसी भी तरह आसान नहीं रहने वाली है।
अगर पार्टी के मजबूत उम्मीदवारों की बात करें तो किरारी से अनिल झा, वजीरपुर से महेंद्र नागपाल, सदरबाजार से जयप्रकाश, करोलबाग से योगेंद्र चंदोलिया, तिलक नगर से राजीव बब्बर, राजिंदर नगर से सरदार आरपी सिंह, छतरपुर से ब्रह्मसिंह तंवर और बदरपुर से रामवीर सिंह बिधूड़ी को मजबूत उम्मीदवार माना जा रहा है।