दिल्ली में 'इमरजेंसी'!: आज भी AQI 500 पर, स्कूल-कॉलेज बंद... फ्लाइट्स-ट्रेनें लेट; विजिबिलिटी पर भी दिखा असर
Delhi-NCR AQI Today: राजधानी में खतरनाक प्रदूषण ने स्वास्थ्य की इमरजेंसी लगा दी है। लोग जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। मंगलवार की सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) का मीटर 500 पर दर्ज दिखा।
विस्तार
Delhi-NCR AQI Today: देश की राजधानी दिल्ली वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। प्रदूषण के साथ कोहरे की मार ने लोगों की परेशानी को और बढ़ा दिया है। दिल्ली ही नहीं एनसीआर भी प्रदूषण की मार झेल रहा है। गैप-4 के नियम लागू हो चुके हैं। स्कूल बंद हो चुके हैं। लोगों से घरों में रहने की अपील है। तमाम रोकथाम के बाद भी प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं हो रहा है। कोहरे की वजह से दृश्यता कम है। जबकि दिल्ली एनसीआर से बाहर कोहरा ही कोहरा नजर आ रहा है।
दिल्ली में स्कूल-कॉलेज बंद, ऑनलाइन पढ़ाई
दिल्ली में जामिया मिलिया इस्लामिया ने घोषणा की है कि शनिवार, 23 नवंबर तक कक्षाएं ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएंगी। 25 नवंबर 2024 से नियमित कक्षाएं फिजिकल मोड में फिर से शुरू होंगी। परीक्षाओं और साक्षात्कारों का कार्यक्रम अपरिवर्तित रहेगा। वहीं एक्यूआई बढ़ने से जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने 22 नवंबर तक ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित करने का फैसला किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने सोमवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वायु प्रदूषण के संबंध में एक अद्यतन सलाह जारी की। सलाह में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए मौजूदा स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने और कमजोर समूहों और जोखिम वाले व्यवसायों के बीच जागरूकता बढ़ाने की सिफारिशें शामिल हैं।
Air quality | Jamia Millia Islamia in Delhi announces that the classes will be conducted in online mode till Saturday, 23rd November. Regular classes in physical mode will resume from 25th November 2024. The schedule of Examinations and Interviews remains unchanged. pic.twitter.com/4rykDD1xgw
— ANI (@ANI) November 19, 2024
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में धुंध के बीच ट्रेनों की आवाजाही जारी है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों की रफ्तार धीमी नजर आ रही है। रेलवे ने कहा कि 22 ट्रेनें देरी से चल रही हैं और नौ ट्रेनों को रोक दिया गया है। 19 नवंबर को सुबह 05:30 बजे दिल्ली के सफदरजंग और पालम में दृश्यता 600 मीटर से 4 400 मीटर दर्ज की गई।
#WATCH | Trains' movement continues amid smog in Delhi. Visuals from New Delhi Railway Station.
— ANI (@ANI) November 19, 2024
22 trains running late and 9 trains put back, says Railways. pic.twitter.com/x117AncO8g
दिल्ली में इमरजेंसी जैसे हालाता
राजधानी में खतरनाक प्रदूषण ने स्वास्थ्य की इमरजेंसी लगा दी है। लोग जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। सोमवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 494 दर्ज किया गया, जोकि अति गंभीर श्रेणी में है। यह इस सीजन का सबसे अधिक एक्यूआई रहा। वहीं, रविवार की तुलना में 53 सूचकांक अधिक रहा। उधर, अशोक विहार, बवाना, द्वारका सेक्टर आठ समेत 12 इलाकों में एक्यूआई 500 दर्ज किया गया। पालम एयरपोर्ट पर घना कोहरा छाया रहा। यहां सुबह साढ़े सात बजे दृश्यता 100-150 मीटर दर्ज की गई। सफदरजंग एयरपोर्ट पर भी दृश्यता 150 मीटर दर्ज की गई जोकि शाम पांच बजे सफदरजंग में 200 मीटर और पालम में 700 मीटर दृश्यता रिकॉर्ड की गई। इससे सड़कों पर आवाजाही पर असर पड़ा।
500 हुआ लोनी का एक्यूआई
मंगलवार की सुबह हवा की सेहत और बिगड़ी। पहले से ही गंभीर श्रेणी में चल रहे लोनी का एक्यूआई सुबह 8:00 बजे 500 दर्ज हुआ। वहीं संजय नगर का एक्यूआई भी 478, वसुंधरा का 469 और इंदिरापुरम का 436 एक्यूआई दर्ज किया गया। गाजियाबाद का एक्यूआई 438 बना हुआ है। प्रदूषण की वजह से सुबह पार्कों में सन्नाटा पसरा रहा। कुछ लोग जो पार्कों में टहलने भी आए वह कुछ ही देर में सांस लेने में हो रही दिक्कत की वजह से वापस लौट गए।
पांच दिन कोहरे का अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के लिए घना कोहरा छाने की आशंका जताई है। ऐसे में लोगों से सावधानी से वाहन चलाने के लिए आग्रह किया है। विभाग के मुताबिक, सोमवार दिन भर दृश्यता कम होने और घने कोहरे से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस गिरावट दर्ज की गई। वहीं, दिन में कायदे से धूप भी नहीं निकली। इससे लोगों को सुबह-शाम के साथ दिन में भी ठंड का अहसास हुआ।
पहली बार अति गंभीर हुई हवा
मौसमी दशाओं के खराब होने से कोहरे के साथ प्रदूषकों के मिलने से दिल्ली में दिनभर स्मॉग की चादर छाई रही। इससे लोगों को दूर तक देखने में परेशानी का सामना करना पड़ा जबकि इंडिया गेट और राष्ट्रपति भवन भी स्मॉग के बीच ओझल दिखे। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि हिमालय क्षेत्र में पश्चिम विक्षोभ सक्रिय है। इसकी वजह से हवा की दिशा उत्तर-पश्चिम दिशा से चलने लगी है। इससे बाहरी राज्यों के प्रदूषकों के साथ स्थानीय प्रदूषण हावी रहा। इस दौरान सतह पर चलने वाली हवा की गति भी धीमी रही। इससे प्रदूषक दूर तक नहीं फैल सके और दिल्ली में प्रदूषण का स्तर अति गंभीर श्रेणी में पहुंच गया।
हवाई और रेल सेवा भी बाधित
वायु प्रदूषण न केवल सेहत को प्रभावित कर रहा है बल्कि हवाई और रेल सेवा को भी बाधित करने लगा है। धुंध की परत से दृश्यता बिल्कुल घट गई है। इससे ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो ही रहा है, साथ ही विमानों को भी रनवे पर उतरने में बाधा उत्पन्न कर रहा है। सोमवार को सुबह और दोपहर बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर दृश्यता इतनी घट गई कि 15 विमानों को रनवे पर उतरने की इजाजत नहीं दी गई। इस वजह से विमान के यात्रियों को दिल्ली की जगह जयपुर, देहरादून और लखनऊ एयरपोर्ट पर उतरना पड़ा। यही स्थिति रेलगाड़ियों के मुसाफिरों की भी रही। सुबह के वक्त दिल्ली के स्टेशनों पर आने वाली 50 से अधिक ट्रेन घंटों देरी से पहुंचीं।
#6ETravelAdvisory : Foggy weather in Delhi, Amritsar & Chandigarh is affecting travel conditions, including slow-moving traffic and possible changes to flight operations. Please plan accordingly and stay updated on the flight status for a smooth journey https://t.co/rpnOvAOxQl
— IndiGo (@IndiGo6E) November 18, 2024
धुंध की मोटी चादर से यात्री परेशान
सोमवार को वायु प्रदूषण के चलते एनसीआर में धुंध की मोटी चादर छाई रही। कुछ जगहों पर दृश्यता शून्य तक पहुंच गई। दिल्ली एयरपोर्ट पर विमानों को डायवर्ट करना पड़ा। सुबह 8:30 से 11:30 बजे के बीच 11 विमानों को उतरने की इजाजत एयर ट्रैफिक कंट्रोलर ने नहीं दी। लिहाजा 10 विमानों को जयपुर के लिए और एक को देहरादून के लिए डाइवर्ट कर दिया गया। दोपहर बाद 3:30 बजे भी अचानक से रनवे पर धुंध आई और दृश्यता घट गई। इस दौरान भी 4 विमानों को डाइवर्ट करना पड़ा। कम दृश्यता की वजह से 70 से अधिक विमान देरी से संचालित हुए। इससे यात्रियों को बेहद परेशान होना पड़ा।
आज भी इसी स्थिति का करना पड़ सकता है सामना
धुंध से रेलवे की रफ्तार थम गई है। सोमवार सुबह के वक्त 50 से अधिक लंबी दूरी की ट्रेनें देरी से संचालित हुईं। इसके कारण यात्रियों को बेहद मुश्किल का सामना करना पड़ा। नई दिल्ली, निजामुद्दीन और आनंद विहार रेलवे स्टेशन खासकर निजामुद्दीन स्टेशन पर जबरदस्त धुंध ने यात्री आवागमन को बुरी तरह प्रभावित किया। घने धुंध और प्रदूषण के कारण रेलवे ट्रैक पर दृश्यता कम हो गई, जिसके चलते कई ट्रेनें निर्धारित समय से काफी देर से चल पाईं। ट्रेनें लेट होने के कारण यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोग अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबे समय तक इंतजार करते दिखे। नई दिल्ली-डिब्रूगढ़, महाकौशल, आनंद विहार-गया, आनंद विहार-मुजफ्फरपुर, नई दिल्ली-मालदा टाऊन, निजामुदद्दीन-त्रिवेंद्रम समेत कई ट्रेनें 3-4 घंटे देरी से संचालित की गईं। मंगलवार को भी यात्रियों को इसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।
पूरे सप्ताह अति गंभीर से गंभीर श्रेणी में रहेगा प्रदूषण
सीपीसीबी के मुताबिक, अशोक विहार, रोहिणी, वजीरपुर, नेहरू नगर समेत 34 इलाकों में प्रदूषण अति गंभीर एक्यूआई रहा। इसमें भी 12 इलाकों में एक्यूआई 500 दर्ज किया गया जबकि दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (डीपीसीसी) के आंकड़ों के अनुसार, कई इलाकों में पीएम2.5 का स्तर 1000 एक्यूआई के ऊपर पहुंच गया। इसमें आरके पुरम में एक्यूआई 1,050, नेहरू नगर में 1,009, वजीरपुर में 963 और डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में 941 एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया।
भारतीय उष्णदेशीय मौसम भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के मुताबिक, सोमवार को हवा उत्तर-पश्चिम की ओर से चली। इस दौरान हवा की गति छह से 12 किलोमीटर प्रतिघंटा रही। मंगलवार को हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से चलने का अनुमान है। इस दौरान हवा की गति आठ से 12 किलोमीटर प्रतिघंटा रहेगी। वहीं, सुबह के समय स्मॉग रहने की आशंका है। बुधवार को हवा उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर से चलेगी। हवा की चाल दो से 10 किलोमीटर प्रतिघंटे रहने का अनुमान है। ऐसे में हवा की गति कम होने से प्रदूषक नहीं फैलेंगे और प्रदूषण का स्तर बढ़ेगा। उधर, बृहस्पतिवार को भी हवा छह से 12 किलोमीटर प्रतिघंटा चलने की संभावना है।
हवा की चाल ठीक होने के बाद भी प्रदूषण
विशेषज्ञ बताते हैं कि 10 किमी प्रतिघंटे की चाल से चलने वाली हवा प्रदूषकों को एक जगह रुकने नहीं देती। इस वक्त दिल्ली में हवा की गति 8-12 किमी प्रतिघंटा है बावजूद इसके प्रदूषण स्तर घना होने की वजह तापमान है। सीएसई के विकेक चट्टोपाध्याय बताते हैं कि इस वक्त तापमान सामान्य से कम है। इससे मिक्सिंग हाइट नीचे गिर गई है। आईआईटीएम की तरफ जारी औसत मिक्सिंग हाइट भी 1200 मीटर के करीब है जबकि इसका मानक 2500-3000 मीटर होना चाहिए। एक तरफ मिक्सिंग हाइट नीचे आई है। वहीं, दिन और रात में भी फर्क पड़ा है। रातों में कई बार यह 500 मीटर से भी नीचे आ जाती है। इससे प्रदूषकों के फैलने की जगह नहीं मिल रही है। नतीजतन प्रदूषण स्तर बेहद गंभीर हो गया है।
एनसीआर शहरों का एक्यूआई
दिल्ली-------494
गुरुग्राम------469
गाजियाबाद---438
नोएडा-------423
ग्रेटर नोएडा----372
फरीदाबाद----367
दिल्ली के विभिन्न इलाकों में अधिकतम एक्यूआई दर्ज
बवाना---------500
मुंडका---------500
द्वारका सेक्टर-8---500
अशोक विहार-----500
नेहरू नगर-------500
नॉर्थ कैंपस-------500
पंजाबी बाग-------500
रोहिणी----------500
वजीरपुर---------500
नजफगढ़--------500