मानहानि केस में कोर्ट में पेश होंगे केजरीवाल
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पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की मानहानि के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ दायर मामले में एक बार फिर सुनवाई टल गई। दोनों पक्ष राजनीतिक व्यस्तता के कारण पेश नहीं हुए व पेशी से छूट मांग ली। अदालत ने अब मामले की सुनवाई 26 जुलाई तय की है।
कड़कड़डूमा स्थित मुख्य मैट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट संजय बंसल के समक्ष सुनवाई तय थी। केजरीवाल व शिकायतकर्ता पवन खेड़ा अदालत में पेश नहीं हुए। उनके अधिवक्ता ने पेशी से छूट संबंधी आवेदन दायर कर बताया कि उनके मुवक्किल लोकसभा चुनावों में व्यस्त होने के कारण पेश नहीं हो पा रहे है।
अत: मामले की सुनवाई स्थगित करते हुए पेशी से छूट प्रदान की जाए। अदालत ने उनके आग्रह को स्वीकार करते हुए सुनवाई 26 जुलाई तय कर दी। अदालत ने कहा कि इस तिथि को साक्ष्यों दर्ज किए जाएंगे।
शीला दीक्षित के सचिव ने दर्ज कराया था मामला
यह मामला अक्तूबर 2012 को बिजली की दरों में बढ़ोतरी के खिलाफ आप पार्टी द्वारा किए गए प्रदर्शन से संबंधित है। तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के राजनीतिक सचिव रहे पवन खेड़ा ने याचिका दायर की थी।
उन्होंने आरोप लगाया था कि बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर प्रदर्शन के दौरान केजरीवाल ने मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया था। वहीं, केजरीवाल ने तर्क रखा था कि पवन खेड़ा को याचिका दायर करने का अधिकार नहीं है।
उन्होंने कहा जिस व्यक्ति की मानहानि हुई है वे वहीं याचिका दायर कर सकता है। ऐसे में उनके खिलाफ किए समन संबंधी फैसले पर पुनर्विचार कर याचिका खारिज की जाए। अदालत ने उनके इस तर्क को खारिज कर दिया था।