छात्रा से यौन शोषण मामले में फारूकी पर 2 सितंबर को फैसला
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अमेरिकी शोधकर्ता से दुष्कर्म मामले में फंसे पीपली लाइव के सह-निर्देशक महमूद फारुकी के खिलाफ आरोपों व जमानत याचिका पर अभियोजन व बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा लिया।
साकेत जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजीव जैन ने फारुकी की जमानत याचिका व आरोपों पर दलीलें सुनने के बाद फैसला 2 सितंबर तक सुरक्षित रख लिया।
अदालत ने पीड़िता के मोबाइल फोन की जांच प्राथमिकता के आधार पर करते हुए 15 सितंबर तक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। अभियोजन पक्ष ने कहा कि फारुकी पर विदेशी शोधकर्ता से दुष्कर्म का गंभीर आरोप है।
आरोपी 20 जून से हिरासत में है
यह मामला विदेशी महिला से जुड़ा है। राजधानी में पहले भी दुष्कर्म के कई ऐसे गंभीर मामले हो चुके हैं जिससे देश की छवि विदेशों में खराब हुई।
है और पर्यटन उद्योग को भारी धक्का लगा है। ऐसे में आरोप तय करते हुए जमानत याचिका को खारिज किया जाए। बचाव पक्ष ने कहा कि आरोपी 20 जून से हिरासत में है। उसे एक बार चार दिन की अंतरिम जमानत मिली थी जिसके बाद उसने खुद सरेंडर कर दिया था।
आरोपी और उसका परिवार एक बुद्धिजीवी परिवार है न कि प्रभावशाली जो कि पीड़िता या गवाहों को प्रभावित करे। उनका मुव्वकिल व परिवार जांच में पूरी तरह सहयोग कर रहा है।